नई दिल्ली: दिल्ली जल बोर्ड की शुक्रवार को हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इसमें तय हुआ है कि पानी के बकाया बिल पर लेट चार्ज (late payment surcharge) दिल्ली सरकार पूरी तरह माफ कर रही है। दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि लोगों के लाखों के बिल आ रहे थे क्योंकि उसके ऊपर ब्याज दर 5 प्रतिशत थी। वो भी कंपाउंड, यानी 100 का बकाया 178 हो जाता था। रेखा सरकार ने फैसला किया है कि बकाया बिल पर अब 2% ही ब्याज होगा। 31 जनवरी तक जो बकाया बिल जमा करेगा उसे लेट चार्ज पर 100 फीसदी छूट होगी और 31 मार्च तक जमा करने पर 70 फीसदी छूट होगी। करीब 16068 करोड़ रुपए घरेलू उपभोक्ताओं पर बकाया है जिसमें करीब 11000 लेट सरचार्ज है।
योजना की मुख्य विशेषताएँ
उपभोक्ताओं को राहत देने का काम अगले महीने से शुरु कर दिया जाएगा। ये राहत 31 जनवरी तक का उपभोक्ताओं को दी जाएगी। 31 जनवरी तक सौ फीसदी लाभ फिर दो महीने की छूट और दी जाएगी लेकिन उसमें 70 फीसदी छूट मिलेगी। सरकार ने कहा कि उपभोक्ताओं पर 87,589 करोड़ रुपये बकाया है लेकिन 7,125 करोड़ रुपये मूल राशि है जबकि 80,463 करोड़ रुपये पेनाल्टी (91% LPSC) है।
प्रवेश साहिब सिंह ने कहा
सालों से दिल्लीवासियों को लाखों रुपये के बिल मिल रहे थे। असली पानी की खपत की वजह से नहीं बल्कि 5% मासिक कंपाउंडिंग ब्याज के कारण। हमने इसको खत्म करने का ऐतिहासिक कदम उठाया है। ब्याज दर को घटाकर 2% किया गया है और 100% तक का सरचार्ज माफ़ किया जा रहा है। इससे जनता को न्याय और पारदर्शिता मिलेगी
पहले दिल्ली जल बोर्ड में 5% कंपाउंडिंग ब्याज की व्यवस्था थी, जिसके कारण ₹100 का बिल बढ़कर ₹178 हो जाता था। अब सरकार ने ब्याज दर को 5% से घटाकर 2% कर दिया है। नई व्यवस्था में कंपाउंडिंग के साथ ₹100 का बिल केवल ₹130 तक ही पहुँचेगा। यह बड़ा सुधार उपभोक्ताओं को लंबे समय से मिल रहे फूले हुए बिलों से राहत और न्याय सुनिश्चित करता है। 31 मार्च 2026 के बाद कोई दूसरी योजना नहीं होगी।
कॉलोनियों में जागरूकता कैंप
उपभोक्ताओं तक योजना का लाभ पहुँचाने के लिए DJB कॉलोनियों में विशेष कैंप लगाएगा। यहाँ उपभोक्ताओं को उनके बकाए की जानकारी, माफ़ी का लाभ उठाने की प्रक्रिया और बिल निपटान में मदद दी जाएगी। यह पहली और आखिरी योजना है। सभी नागरिकों से अपील हैं कि वे आगे आएँ और इस अवसर का लाभ उठाएँ।
संपत्ति पंजीकरण से पानी के बिलों को जोड़ा जाएगा
सरकार ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब संपत्ति पंजीकरण के समय पानी के बिल को अनिवार्य कर दिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि बकाए अनिश्चित काल तक न लटकें और स्वामित्व परिवर्तन के समय जवाबदेही तय हो।
अवैध कनेक्शनों का वैधीकरण
DJB ने लाखों अवैध पानी कनेक्शनों को कानूनी रूप में लाने का फैसला किया है।
घरेलू श्रेणी: शुल्क लगभग 26,000 रुपये से घटाकर मात्र 1,000 रुपये।
गैर-घरेलू श्रेणी: शुल्क लगभग 61,000 रुपये से घटाकर 5,000 रुपये ।
योजना 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी।
मंत्री ने बताया कि सुधार अनधिकृत कॉलोनियों के परिवारों को सीधा लाभ देगा और राजस्व चोरी तथा यमुना प्रदूषण को भी रोकेगा। हर घर को कानूनी रूप से स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना रेखा सरकार की प्रतिबद्धता है। शुल्क को इतना कम करके हमने जनता को बिना डर के वैध कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहित किया है।
लंबित नए कनेक्शन और DJB संचालन
वर्तमान में DJB के पास लगभग 1 लाख नए पानी कनेक्शन के आवेदन लंबित हैं, जिससे सालाना ₹51 करोड़ का नुकसान हो रहा है। इस समस्या को दूर करने के लिए DJB अब 1,000 से अधिक लाइसेंसधारी प्लंबर उपलब्ध कराएगा ताकि नए कनेक्शन शीघ्र दिए जा सकें।
वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता
नई नीति DJB की वित्तीय स्थिति को स्थिर और पारदर्शी बनाने की दिशा में भी कदम है।
दिल्ली में पानी की सफाई और सप्लाई पर DJB का खर्च ₹101 प्रति लीटर है।
संग्रहण क्षमता बढ़ाकर और सरचार्ज पर निर्भरता घटाकर DJB अपनी वित्तीय हालत मज़बूत करना चाहता है।
उपभोक्ताओं पर प्रभाव
इस योजना से: लाखों परिवारों को बिलों से राहत मिलेगी। अवैध कनेक्शन धारकों को वैध कनेक्शन लेने का अवसर मिलेगा। DJB की वसूली क्षमता बढ़ेगी। उपभोक्ता और DJB के बीच बकाया विवाद कम होंगे।



