नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को डीडीसी एपेक्स कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मिशन कायाकल्प के तहत सरकारी विद्यालयों में किए जा रहे सुधार कार्यों, आगामी कांवड़ यात्रा की तैयारियों और मॉनसून के दौरान जलभराव से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सभी जिलाधिकारियों ने अपने-अपने जिलों के दो-दो जर्जर सरकारी विद्यालयों के कायाकल्प के लिए किए गए कार्यों की जानकारी दी। साथ ही, राजधानी में मॉनसून को देखते हुए विभिन्न विभागों की तैयारियों का भी विस्तृत जायजा लिया गया।
दिल्ली सचिवालय में आयोजित इस बैठक में डीडीसी अध्यक्ष एवं मोती नगर से विधायक हरीश खुराना, रोहतास नगर से विधायक जितेन्द्र महाजन, रिठाला से विधायक कुलवंत राणा, कृष्णा नगर से विधायक डॉ. अनिल गोयल, मॉडल टाउन से विधायक अशोक गोयल, तिमारपुर से विधायक सूर्य प्रकाश खत्री, मुंडका से विधायक गजेन्द्र दराल, उत्तम नगर से विधायक श्री पवन शर्मा, कस्तूरबा नगर से विधायक श्री नीरज बसोया, सभी 13 जिलों के डीएम सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मिशन कायाकल्प से बदल रही सरकारी विद्यालयों की तस्वीर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल बच्चों को अच्छी शिक्षा देना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित, स्वच्छ और प्रेरणादायक माहौल भी उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से ‘मिशन कायाकल्प’ के तहत सभी जिलाधिकारियों को ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान अपने-अपने जिलों के दो सबसे जर्जर सरकारी विद्यालयों का चयन कर उनका पूरी तरह से कायाकल्प करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
बैठक में विभिन्न जिलों द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने उन अधिकारियों की विशेष सराहना की, जिन्होंने तय कार्यों से आगे बढ़कर विद्यालयों में पुस्तकालय, स्टेम लैब, साइंस लैब, कंप्यूटर लैब, स्मार्ट क्लास, वॉटर कूलर, शौचालयों का नवीनीकरण और आकर्षक वॉल पेंटिंग जैसी बेहतर सुविधाएं विकसित कीं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से आउटर नॉर्थ, उत्तर-पूर्व और नई दिल्ली के जिलाधिकारियों द्वारा मिशन कायाकल्प के तहत किए गए उल्लेखनीय कार्यों की प्रशंसा करते हुए उनके प्रयासों को अन्य जिलों के लिए प्रेरणादायक बताया।
मूलभूत सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि कई विद्यालयों में स्थानीय जनसहयोग, सीएसआर और क्राउड फंडिंग के माध्यम से बेहतरीन कार्य किए गए हैं, जो अन्य जिलों के लिए भी एक अनुकरणीय और प्रेरणादायी मॉडल पेश करते हैं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि स्कूलों में केवल औपचारिक मरम्मत करके काम न टाला जाए, बल्कि विद्यार्थियों के लिए पेयजल, सुरक्षा, फर्नीचर, प्रयोगशालाएं और पुस्तकालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि विद्यालयों के शौचालयों की खराब स्थिति किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी और बच्चों को ऐसा माहौल मिलना चाहिए जिससे स्कूल में प्रवेश करते ही उनकी सीखने की उत्सुकता बढ़ सके।
जलभराव पर एजेंसियों को संयुक्त कार्रवाई के निर्देश

बैठक के दौरान विभिन्न विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में जलभराव, ड्रेनेज, नालों की सफाई, पंपिंग स्टेशनों और विद्युत उपकेंद्रों से संबंधित गंभीर समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। जनप्रतिनिधियों के इन सुझावों और शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि प्रत्येक समस्या का एक निश्चित समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जहां भी जरूरत हो, वहां विभिन्न एजेंसियां आपसी समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त निरीक्षण करें और बिना किसी देरी के तत्काल जमीनी कार्रवाई शुरू करें ताकि जनता को राहत मिल सके।
जलभराव पर ‘जीरो टॉलरेंस’, अधिकारी स्वयं करें फील्ड विजिट
मॉनसून की तैयारियों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए स्पष्ट किया कि राजधानी दिल्ली में किसी भी स्थिति में जलभराव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नागरिकों के लिए यह महत्वपूर्ण नहीं है कि संबंधित क्षेत्र पीडब्ल्यूडी, एमसीडी, दिल्ली जल बोर्ड या डीडीए के अधिकार क्षेत्र में आता है, क्योंकि जनता केवल अपनी समस्याओं का स्थायी समाधान चाहती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे केवल दफ्तरों तक सीमित न रहें, बल्कि स्वयं फील्ड में जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें। पहली ही बारिश में जिन भी संवेदनशील स्थानों और हॉटस्पॉट पर जलभराव की स्थिति बनी है, वहां तत्काल आवश्यक पंपों की व्यवस्था, नालों की सफाई और ड्रेनेज कनेक्टिविटी को दुरुस्त किया जाए।
संवेदनशील हॉटस्पॉट की विशेष निगरानी
बैठक में बलजीत नगर, पटेल नगर, संगम विहार, बवाना, किराड़ी सेक्टर-20 से 24, पटपड़गंज, मुंगेशपुर, रामा विहार, खेड़ी पुल, लक्ष्मी नगर, कृष्णा नगर और मंडावली सहित विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में जलभराव की संभावनाओं और वहां चल रही परियोजनाओं की गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में कई विभागों की संयुक्त परियोजनाएं लंबित हैं, वहां संबंधित एजेंसियां मिलकर एक समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करें। मोबाइल फोन पर शिकायतों का इंतजार करने के बजाय अधिकारी खुद सड़कों और नालों का निरीक्षण करें तथा पंपिंग स्टेशनों, ड्रेनेज लिंक और डिसिल्टिंग के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी डीडीसी अध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में संचालित विकास कार्यों एवं प्रमुख परियोजनाओं की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में विकास कार्यों की सतत निगरानी, समयबद्ध क्रियान्वयन तथा जनसुविधाओं में सुधार सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
कांवड़ यात्रा की पुख्ता तैयारियां, ‘पीएम उदय योजना’ के तहत कैंप लगाने के निर्देश
आगामी कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने जिलों में पूर्व वर्षों में शिविर आयोजित करने वाली पंजीकृत संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर समय रहते सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा, बिजली और सुगम यातायात के पुख्ता इंतजाम पहले से ही कर लिए जाएं। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने पीएम उदय योजना के तहत दिल्ली की सभी अनधिकृत कॉलोनियों में विशेष कैंप लगाने के निर्देश दिए, ताकि राजधानी के नागरिक आगामी 31 अक्टूबर की अंतिम तिथि से पहले अपना रजिस्ट्रेशन आसानी से पूरा करवा सकें।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में मिनी सचिवालयों की स्थापना, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की प्रगति, प्रत्येक शनिवार जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों में आयोजित होने वाली जनसुनवाई, सार्वजनिक स्थलों एवं कार्यालय परिसरों के आसपास नियमित स्वच्छता अभियान तथा नागरिकों को गर्मी से राहत प्रदान करने के लिए विकसित किए जा रहे कूलिंग जोन की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को इन सभी पहलों का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अतिक्रमण हटाने, पौधारोपण और डस्ट मिटिगेशन पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एमसीडी के अधिकारियों को फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने का अभियान और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि पैदल यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। उन्होंने 70 लाख पौधारोपण अभियान में सभी विधायकों एवं विभागों की सक्रिय एवं व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने डस्ट मिटिगेशन के तहत सड़कों के सेंट्रल वर्ज और ब्राउन एरिया में बड़े पैमाने पर घास एवं हरित आवरण विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि धूल प्रदूषण में कमी लाई जा सके और राजधानी को अधिक स्वच्छ एवं हरित बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निरंतर फील्ड मॉनिटरिंग, विभागीय समन्वय और जनप्रतिनिधियों के सुझावों को समान महत्व दे रही है। मिशन कायाकल्प, मानसून प्रबंधन और कांवड़ यात्रा जैसी व्यवस्थाओं में प्रत्येक अधिकारी की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी।



