नई दिल्ली। सार्वजनिक कार्यों में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बाढ़ नियंत्रण एवं सिंचाई विभाग ने टेंडर प्रक्रिया में बड़ा सुधार किया है। अब Earnest Money Deposit (EMD) की जमा प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है।
अब EMD केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार की जाएगी
पहले निविदाकर्ताओं को संबंधित परियोजना के कार्यालय में जाकर EMD जमा करनी पड़ती थी। इस व्यवस्था में अनावश्यक मानवीय संपर्क, सूचना के लीक होने की आशंका और निष्पक्षता पर सवाल उठने जैसी समस्याएं सामने आती थीं। नई व्यवस्था के तहत अब EMD केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार की जाएगी और निविदाकर्ता अपने टेंडर दस्तावेजों के साथ इसकी स्कैन कॉपी ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर अपलोड करेंगे। मूल EMD केवल L1 बोलीदाता को ही निविदा खुलने के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा करनी होगी।
पक्षपात, दबाव या किसी भी प्रकार के हेरफेर की संभावना समाप्त होगी
इस बदलाव से यह सुनिश्चित होगा कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान कोई भी अधिकारी या बाहरी व्यक्ति यह नहीं जान सकेगा कि कौन किस परियोजना के लिए बोली लगा रहा है। इससे पक्षपात, दबाव या किसी भी प्रकार के हेरफेर की संभावना समाप्त होगी और प्रक्रिया अधिक सुरक्षित व निष्पक्ष बनेगी।
मंत्री परवेश साहिब सिंह ने कहा
यह सुधार सिस्टम में विश्वास मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। EMD को पूरी तरह ऑनलाइन करने से अनावश्यक मानवीय हस्तक्षेप खत्म होगा और टेंडर प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी तथा किसी भी प्रकार के दबाव से मुक्त रहेगी। हमारी प्राथमिकता स्पष्ट है। ईमानदार ठेकेदारों को उचित अवसर मिले और जनता के पैसे का उपयोग पूरी जवाबदेही के साथ हो। इसके अतिरिक्त, नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए सख्त प्रावधान भी किए गए हैं। L1 बोलीदाता को निविदा खुलने के 3 दिनों के भीतर मूल EMD जमा करनी होगी, अन्यथा उसे 2 वर्षों के लिए टेंडर प्रक्रिया से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। यह सुधार डिजिटल सिस्टम के माध्यम से शासन में ईमानदारी, दक्षता और पारदर्शिता लाने के सरकार के संकल्प को दर्शाता है।



