पटना: बिहार विधानसभा के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को सदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। तेजस्वी यादव ने बिहार वोटर वेरिफिकेशन के मुद्दे पर चर्चा की मांग की। उन्होंने कहा कि वह एसआईआर का विरोध नहीं करते हैं, मगर चुनाव आयोग जो प्रक्रिया अपना रहा है वो सही नहीं है। उन्होंने इसकी खामिया भी गिनाई। इस पर सीएम नीतीश भड़क गए। पिछले दो दिनों से विपक्षी नेता काले कपड़े पहनकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताया।
जमकर हुई बहसबाजी
इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन में उठकर बोलते हुए लालू-राबड़ी सरकार की खामियां गिनाई। वहीं, जब उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तेजस्वी की बात का जवाब देने के लिए उठे, तो मुख्यमंत्री ने उनके कंधे पर हाथ रखकर दिये। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव पर पलटवार करते हुए कहा, अपने माता-पिता का कार्यकाल देखें। 20 साल पहले बिहार में क्या था। आपके माता-पिता को भी मौका मिला, लेकिन उन्होंने बिहार के लिए कुछ नहीं किया तुम तब बच्चे थे। आपको कुछ मालूम नहीं है। हम लोगों को मौका मिला, तो बिहार को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
नीतीश कुमार ने सवाल किया, महिलाओं के लिए आपने क्या किया? पटना तक में कोई शाम को नहीं निकलता था। हमने मिलकर जहां कहीं भी कमी थी, उसे दूर किया है। हमने महिलाओं के लिए काफी कुछ किया। हम लोगों ने 50 फीसदी आरक्षण दिया। हमने मुस्लिमों के लिए भी काफी कुछ काम किया है।
नीतीश कुमार ने कहा कि हम सबका काम करते हैं। तीन दिन और है और फिर चुनाव होगा। आज यह सब बात उठाने का क्या मतलब है? सारा काम हम लोगों ने किया है। चुनाव में जो अंड-बंड बोलना है बस। हम लोग तो चुनाव में जो विकास का काम किए हैं, उसी को लेकर जाएंगे। जब आपकी उम्र कम थी, आपके पिताजी 7 साल सीएम थे। फिर मां सीएम बनीं। आप बच्चा हो, कुछ नहीं जानते। पहले का बजट क्या था। अब तीन लाख करोड़ से ज्यादा बजट है।
राजद विधायक वीरेंद्र की टिप्पणी से हुआ हंगामा
सदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच तीखी नोकझोंक हो रही थी, इसी बीच राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने टिप्पणी कर दी और हंगामा होने लगा। दरअसल, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को जब दूसरी बार बोलने का मौका दिया गया, तब उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने सवाल उठाते हुए कहा, ‘अब वह क्या बोलेंगे?’ इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाई वीरेंद्र ने कहा, ‘क्या यह किसी के बाप की जगह है?’ इससे सत्ता पक्ष भड़क उठा। विजय सिन्हा ने पलटवार करते हुए कहा, ‘यह क्या बोले।’
विधानसभा अध्यक्ष ने भाई वीरेंद्र को लगाई फटकार
भाई वीरेंद्र की टिप्पणी पर सदन में हंगामा होने लगा। सत्ता पक्ष के विधायकों ने जमकर हंगामा किया। विवाद बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने स्थिति संभालने की कोशिश की। उन्होंने भाई वीरेंद्र को फटकार लगाते हुए माफी मांगने को कहा और स्पष्ट कर दिया कि जब तक माफी नहीं मांगी जाएगी, तेजस्वी यादव को बोलने नहीं दिया जाएगा। वहीं, भाई वीरेंद्र ने अपनी बात को बाहर आकर दोहराया कि सदन किसी की बपौती नहीं है। विस में एसआईआर के विरोध में इंडिया गठबंधन के विधायकों ने किया वॉकआउट बाद में विस अध्यक्ष ने सदन को स्थगित गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दिया।



