नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमला मामले में व्यापक चर्चा पर सरकार और विपक्ष के बीच बनी सहमति के साथ ही महाबहस की जमीन तैयार हो गई है। निम्न सदन लोकसभा में चर्चा की शुरुआत सोमवार तो राज्यसभा में मंगलवार को होगी। बुधवार को दोनों सदनों की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की अलग-अलग बैठक में चर्चा के लिए 16-16 घंटे निर्धारित किए गए हैं। बैठक के दौरान विपक्षी सदस्यों ने एसआईआर, उपराष्ट्रपति के इस्तीफे सहित कुछ अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की मांग की।
दोनों सदनों में चर्चा की शुरुआत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ऑपरेशन सिंदूर पर बयान से होगी। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह भी पहलगाम आतंकी हमला मामले में बयान देंगे। विदेश नीति के संदर्भ में विदेश मंत्री एस जयशंकर भी सरकार का पक्ष रख सकते हैं। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री लोकसभा में चर्चा में हस्तक्षेप करेंगे। बैठक में विपक्षी सदस्यों ने बृहस्पतिवार से ही चर्चा कराने की मांग की। हालांकि सत्ता पक्ष ने प्रधानमंत्री के विदेश दौरे का हवाला देते हुए विपक्ष की मांग का विरोध किया।
इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष
विपक्ष की योजना पहलगाम आतंकी हमला में खुफिया और सुरक्षा चूक पर सरकार को कटघरे में खड़ा करने की है। इसके अलावा विपक्ष चर्चा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराने के दावे को बड़ा मुद्दा बनाएगी। इसके अलावा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल समेत कुछ लड़ाकू विमान के गिराए जाने के दावे पर भी विपक्ष सवाल पूछेगा।
सरकार भी रहेगी हमलावर
सरकार की रणनीति इन मुद्दों पर विपक्ष पर जवाबी हमला बोलने की है। चर्चा के दौरान सरकार खासतौर पर आतंकवाद के खिलाफ अपनाई गई कठोर नीति और ऑपरेशन सिंदूर के साथ ही पाकिस्तान के खिलाफ इससे पूर्व किए गए दो सर्जिकल स्ट्राइक का उदाहरण देगी। सरकार की योजना पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई में सेना द्वारा पहुंचाए गए व्यापक नुकसान की भी जानकारी देगी।



