पटना: पटना पुलिस और एसटीएफ ने चंदन मिश्रा हत्याकांड के 5 आरोपियों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। फिलहाल उनसे वहीं पर पूछताछ की जा रही है। कानूनी प्रक्रिया के बाद सभी को पटना लाया जाएगा। हत्याकांड के 24 घंटे के भीतर ही पटना पुलिस और एसटीएफ ने अपराधियों को पकड़ लिया। पटना के पारस अस्पताल में शूटआउट हुआ था।
सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ और पुलिस टीम ने बंगाल में ताबड़तोड़ छापेमारी की। गिरफ्तारी की संख्या और बढ़ सकती है। इस हत्याकांड में तौसीफ बादशाह, बलवंत, अभिषेक, मोनूसिंह, नीलेश, सूर्यमान, नीशू सहित 10 शूटरों के नाम सामने आए थे। वारदात के बाद आरोपी भागकर बंगाल पहुंच गए थे। उनके वहां होने की सूचना पर टीम को तुरंत फ्लाइट से भेजा गया। पुलिस के आलाधिकारी पूरी कार्रवाई पर नजर बनाए हुए थे।
बंगाल की जेल में बंद शेरू नेरची थी साजिश
अब तक की जांच में सामने आया है कि गैंगस्टर शेरू सिंह ने चंदन मिश्रा की हत्या की साजिश रची थी। इसके लिए फुलवारी शरीफ के रहने वाले तौसीफ बादशाह समेत अन्य शूटरों को हायर किया गया। शेरू और चंदन एक समय दोस्त हुआ करते थे और बक्सर में उन्होंने साथ मिलकर कई हत्या की वारदातों को अंजाम दिया था। बाद में उनकी दोस्ती दुश्मनी में बदल गई थी।
इस घटना में सबसे पहले तौसीफ रजा उर्फ बादशाह का नाम सामने आया था।
इसके बाद बक्सर पुलिस ने बक्सर के मोनू सिंह के नाम की पुष्टि की। इनके अलावा बलवंत, नीलेश, सूर्यभान, अभिषेक, निशु समेत दस आरोपियों के नाम सामने आए। सूत्रों के अनुसार, तौसीफ बादशाह को पैसे देकर हायर किया था। तौसीफ और उसके साथियों ने 20 से ज्यादा गोलियां बरसा कर चंदन को मौत के घाट उतारा था। चंदन की हत्या पश्चिम बंगाल की पुरुलिया जेल में बंद शेरू सिंह ने करवाई थी। उसी ने सुपारी देकर शूटर हायर किए थे। पुलिस ने शुक्रवार को शेरू से जेल में पूछताछ भी की थी।
मालूम हो कि चंदन मिश्रा पटना के बेऊर जेल में सजा काट रहा था। वह पैरोल लेकर पारस अस्पताल में इलाज करा रहा था। गुरुवार सुबह तौसीफ समेत 5 अपराधी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के निजी वार्ड के कमरे में घुसकर चंदन पर गोलियां बरसाईं थी।



