नई दिल्ली: स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में इंदौर ने लगातार आठवीं बार भारत का सबसे स्वच्छ शहर होने का खिताब जीता है। सूरत और नवी मुंबई क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में विजेता शहरों को सम्मानित किया। इस बार छोटे-बड़े 4,500 से अधिक शहरों ने सर्वेक्षण में हिस्सा लिया, जो स्वच्छता के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।
स्वच्छ सर्वेक्षण के मुख्य आकर्षण
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में शहरों को उनकी आबादी के आधार पर पांच श्रेणियों में बांटा गया। इस बार 23 शहरों को स्वच्छ सुपर लीग, 15 को प्रेसीडेंशियल अवॉर्ड, 6 को मिनिस्ट्रियल अवॉर्ड और 34 तेजी से स्वच्छ हो रहे शहरों को पुरस्कृत किया गया। सर्वेक्षण में 3,000 से अधिक मूल्यांकनकर्ताओं ने 45 दिनों तक 11 लाख से ज्यादा घरों का निरीक्षण किया और 14 करोड़ नागरिकों की राय ली। इस बार का अभियान कचरे को कम करने, पुनः उपयोग और रिसाइकिल करने पर केंद्रित था।
विजेता शहर
स्वच्छ सुपर लीग
10 लाख से अधिक आबादी: इंदौर, सूरत, नवी मुंबई, विजयवाड़ा।
3-10 लाख आबादी: नोएडा, चंडीगढ़, मैसूरु, उज्जैन, गांधीनगर, गुंटूर।
50,000-3 लाख आबादी: नई दिल्ली (NDMC), तिरुपति, अंबिकापुर (छत्तीसगढ़), लोनावाला (महाराष्ट्र)।
20,000-50,000 आबादी: विटा, सासवड़, देवलाली पर्वत (महाराष्ट्र), डूंगरपुर (राजस्थान)।
20,000 से कम आबादी: पंचगनी, पन्हाला (महाराष्ट्र), पाटन, विश्रामपुर (छत्तीसगढ़), बुधनी (मध्य प्रदेश)।
प्रेसीडेंशियल अवॉर्ड
10 लाख से अधिक आबादी: अहमदाबाद, भोपाल, लखनऊ।
3-10 लाख आबादी: मीरा-भायंदर (महाराष्ट्र), बिलासपुर, जमशेदपुर।
50,000-3 लाख आबादी: देवास (मध्य प्रदेश), करहड़ (महाराष्ट्र), करनाल (हरियाणा)।
20,000-50,000 आबादी: पणजी, अस्का (ओडिशा), कुम्हारी (छत्तीसगढ़)।
20,000 से कम आबादी: बिल्हा (छत्तीसगढ़), चिकिति (ओडिशा), शाहगंज (मध्य प्रदेश)।
मिनिस्ट्रियल अवॉर्ड
विशेष पुरस्कार: विशाखापत्तनम, जबलपुर, गोरखपुर, सिकंदराबाद (सर्वश्रेष्ठ छावनी), प्रयागराज (सर्वश्रेष्ठ गंगा शहर)।
तेजी से स्वच्छ हो रहे शहर: पटना, रायपुर, सोनीपत, जम्मू, वडोदरा, गुवाहाटी, ग्वालियर, जयपुर ग्रेटर, आगरा, बठिंडा सहित 34 शहर।
क्षेत्रीय प्रदर्शन
महाराष्ट्र ने 10 शहरों के साथ सर्वाधिक स्थान हासिल किए, इसके बाद मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ (8-8 शहर), उत्तर प्रदेश (5 शहर) और गुजरात (4 शहर) का स्थान रहा। प्रयागराज को गंगा के किनारे सबसे स्वच्छ शहर और सिकंदराबाद को सर्वश्रेष्ठ छावनी बोर्ड का पुरस्कार मिला। ग्रेटर विशाखापत्तनम, विशाखापत्तनम, जबलपुर और गोरखपुर को सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए सफाई मित्र सुरक्षित पुरस्कार दिया गया।
स्वच्छता की बढ़ती पहल
आठ साल पहले स्वच्छ सर्वेक्षण में केवल 73 शहर शामिल थे, लेकिन अब यह संख्या 4,500 से अधिक हो गई है। आबादी के आधार पर श्रेणियां बनाकर छोटे शहरों में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। यह अभियान देश में स्वच्छता के प्रति नागरिकों और प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।



