नई दिल्ली: भारत और इंग्लैंड (IND vs ENG) के बीच चल रही पांच टेस्ट मैचों की सीरीज अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। सीरीज का चौथा मुकाबला 24 जुलाई को और आखिरी टेस्ट 31 जुलाई से लंदन के ओवल मैदान पर खेला जाएगा। लेकिन यह मुकाबला सिर्फ टीम इंडिया (Team India) के लिए नहीं, बल्कि करुण नायर (Karun Nair) के करियर के लिए भी निर्णायक साबित हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार, इस बात की पूरी संभावना है कि 4 अगस्त को खत्म होने वाला यह मैच करुण नायर (Karun Nair) का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला हो सकता है। घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन के दम पर वापसी करने वाले इस अनुभवी बल्लेबाज को इंग्लैंड दौरे में मिली जिम्मेदारी का फायदा उठाने में अब तक सफलता नहीं मिली है।
तीन मैचों में करुण नायर का निराशाजनक प्रदर्शन
करुण नायर को अब तक सीरीज के पहले तीन टेस्ट मुकाबलों में मौका दिया गया, लेकिन वे अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित करने में नाकाम रहे।
- – लीड्स टेस्ट: पहली पारी में शून्य और दूसरी में 20 रन
- – एजबेस्टन टेस्ट: 31 और 26 रन की पारियां
- – लॉर्ड्स टेस्ट: 40 और 16 रन
इन तीन मैचों की छह पारियों में नायर ने कुल 131 रन बनाए, उनका औसत मात्र 21 रहा और स्ट्राइक रेट भी 57 के आसपास रहा। यह आंकड़े उनके अनुभव और अपेक्षाओं के बिल्कुल अनुकूल नहीं हैं।
प्लेइंग इलेवन में बने रहना मुश्किल
टीम के भीतर मौजूद अन्य बल्लेबाजों के लिए यह निराशाजनक संकेत हो सकता है अगर नायर को अगले मैचों में भी प्राथमिकता दी जाती है। चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के सामने अब यह चुनौती है कि क्या वे करुण को एक और मौका दें या नए विकल्पों को आजमाएं।
वेस्टइंडीज दौरे में जगह मिलना मुश्किल
इंग्लैंड सीरीज के बाद टीम इंडिया को अक्टूबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। लेकिन करुण नायर (Karun Nair) का वहां चयन होना अब बेहद मुश्किल नजर आ रहा है। खासकर तब, जब टीम युवा चेहरों को प्राथमिकता देने की ओर बढ़ रही है।
करियर पर फिर लग सकता है विराम
करुण नायर (Karun Nair) के अंतरराष्ट्रीय करियर को पहले ही कई बार बाधाएं झेलनी पड़ी हैं। एक समय तिहरा शतक जड़ने वाले इस बल्लेबाज के लिए इंग्लैंड दौरा खुद को फिर से स्थापित करने का मौका था, लेकिन मौकों का लाभ न उठा पाने के चलते उनका करियर एक बार फिर पटरी से उतरता दिख रहा है।
ओवल टेस्ट के साथ ही करुण नायर (Karun Nair) के अंतरराष्ट्रीय करियर पर विराम लगने की पूरी संभावना है। अगर ऐसा होता है, तो यह उनके लिए एक कड़वा मोड़ साबित होगा और टीम इंडिया भविष्य के लिए नए बल्लेबाजों की ओर रुख करेगी।



