पटना: पटना एयरपोर्ट पर बड़ा विमान हादसा टला गया है। इंडिगो की फ्लाइट 6E-2482 दिल्ली से पटना हवाई अड्डा पहुंची थी। विमान रनवे को टच करते हुए लैंडिंग के लिए तय टच पॉइंट से थोड़ा आगे निकल गया था। ऐसे में पायलट को लगा कि बचे हुई रनवे की लंबाई पर विमान को रोकना संभव नहीं है। इसके बाद पायलट ने हवाई जहाज को दोबारा उड़ाने का फैसला किया। इस विमान में 173 यात्री सवार थे। ऐसे में पायलट की सूझ-बूझ ने पटना एयरपोर्ट पर बड़ा विमान हादसा टाल गया। अगर विमान को दोबारा उड़ाने यानी गो-अराउंड का फैसला नहीं लिया गया होता, तो यह पटना के पोलो रोड स्थित मंत्रियों और अफसरों के आवास से टकरा सकता था। अगर ऐसा होता तो ठीक उसी तरह की चीख-पुकार मचती, जैसा आज से 25 साल पहले साल 2000 में मची थी।
कब और कैसे हुआ घटना
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से इंडिगो की फ्लाइट मंगलवार रात पटना के जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरी थी। इस प्लेन कों रात्रि 9 बजे लैंड करना था लेकिन यह तय समय से पहले 8:49 में पटना हवाई अड्डा पहुंच गया। लैंडिंग के दौरान विमान रनवे पर तय सीमा रेखा से आगे पहुंच गया था। तभी को पायलट एहसास हुआ की फ्लाइट थोड़ा आगे लैंड हो गया है। इस खतरे को भांपते हुए पायलट ने तत्काल तुरंत फ्लाइट को टेक ऑफ कर लिया।
आसमान में 4 चक्कर लगाने के बाद सुरक्षित उतरा विमान
पटना एयरपोर्ट का रनवे छोटा होने के कारण अक्सर इस तरह का हादसा होने का खतरा बना रहता है। लैडिंग के दौरान पायलट को लगा कि रनवे पर विमान को नहीं रोक पाएगा तो उसन दोबारा विमान को ऊपर उठा लिया। ऐसा होता देख प्लेन में सवार 173 यात्रियों कि सांस अटक गई। चालक दल के सदस्यों ने हालात को संभालते हुए यात्रियों से कहा कि कोई आपात स्थिति नहीं आई है। तकनीकी कारणों की वजह से विमान को फिर से टेकऑफ किया गया है। चार-पांच मिनट में विमान फिर से हवाई अड्डे पर उतरेगा। यात्री धैर्य बनाए रखें।
पटना एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई 2 हजार मीटर है
अहमदाबाद प्लेन हादसे के बाद केंद्र सरकार ने देशभर के सभी एयरपोर्ट की सुरक्षा को लेकर परामर्श जारी किया है। उसमें रनवे की लंबाई और सुरक्षा को लेकर खास निर्देश दिए गए हैं। पटना एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई 2,072.64 मीटर है। जबकि, कम से कम 2438 मीटर होनी चाहिए। अभी लंबाई कम होने से विमान 3 डिग्री के क्षितिज पर उतरते हैं, जबकि यह 2.5 डिग्री के क्षितिज पर उतरना चाहिए। हालांकि, अब इसे ,584.96 मीटर और बढ़ाकर 3657.6 मीटर करने की तैयारी चल रही है। यह कवायद केंद्र सरकार के जारी निर्देशों के बाद तेज हुई है।



