नई दिल्ली: वाणिज्य मंत्रालय नए निर्यातकों को नए बाजारों तक पहुंचाने के लिए जिलों के साथ मिलकर काम करेगा। जल्द ही दिशानिर्देश जारी करेगा। वाणिज्य मंत्रालय और जिले ओडीओपी उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचाने और नए निर्यातकों को सहयोग देने के लिए साझेदारी कर सकते हैं। ये बातें केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ओडीओपी) 2024 पुरस्कार समारोह कहीं।
उन्होंने कहा कि हमारे पास कई तरह के उत्पाद हैं, जो भारत को विश्व स्तर पर अलग पहचान दे सकते हैं। इस दौरान उन्होंने वायनाड की कॉफी, रत्नागिरी के आम और पुलवामा के केसर का जिक्र किया। मंत्री ने एक जिला, एक उत्पाद को अनूठी पहल बताया।
लोकल अब ग्लोबल हो रहा है
मंत्री ने कहा कि विभिन्न राज्यों के 773 जिलों ने भारत की सफलता की कहानी में योगदान दिया है। हर जिला एक अलग तरह की विरासत लेकर आता है। कभी-कभी ओडीओपी के तहत दो उत्पादों को मान्यता देनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि स्थानीय (लोकल) अब वैश्विक (ग्लोबल) हो रहा है।
थपथपाई बिहार की पीठ
विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच केंद्रीय मंत्री ने अप्रत्यक्ष रूप से बिहार सरकार की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि बिहार के सभी 38 जिलों ने ओडीओपी के अंतर्गत उत्पादों का शत-प्रतिशत कवरेज हासिल कर लिया है। बिहार ने इस पहल को महत्व दिया है। उन्होंने कहा कि सभी उत्पाद राज्य की आर्थिक व्यवस्था में शामिल हैं और औद्योगिक नीति में भी शामिल हैं। इस संबंध में बिहार को श्रेणी ए में रखा गया है। गोयल ने कहा कि 87 में से 64 उत्पाद औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत आते हैं।
27 राज्यों में पीएम एकता मॉल को हरी झंडी
उन्होंने बताया कि 27 राज्यों को पीएम एकता मॉल स्थापित करने की मंजूरी मिल गई है जो उनके अपने राज्यों के साथ-साथ अन्य राज्यों के उत्पादों को भी बढ़ावा देंगे। उन्होंने कहा कि इन मॉल में जीआई-टैग वाले उत्पाद, हथकरघा आदि भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
ब्रांडिंग और क्वॉलिटी पर काम करने की जरूरत
उन्होंने कहा कि ओडीओपी उत्पादों को टिकाऊ बनाने, उत्पादों की ब्रांडिंग और क्वॉलिटी पर काम करने की जरूरत है। पैकेजिंग और ब्रांडिंग में सुधार से उत्पादों को दुनिया भर में सम्मान मिलेगा। ओडीओपी उत्पादों को आगे बढ़ाने के तरीके सीखने और अनुकरण करने में मदद के लिए संग्रह तैयार किया गया है।



