नालंदा: दीपनगर थाना क्षेत्र के डुमरावा गांव में पिछले 9 जुलाई को दो बच्चों की गोली मारकर हत्या का मामला अब सियासी रूप ले लिया है। कई दलों के नेता गांव पहुंचकर पीडि़त परिवार को सांत्वना दी और उन्हें न्याय दिलाने का वादा किया। इस बीच घटना के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज दलित समुदाय के लोगों ने सोमवार को दलित पासवान न्याय मार्च निकला और कलेक्ट्रेट पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
यह मार्च देवीसराय साठोपुर से चलकर बिहार शरीफ स्थित जिला समाहरणालय तक पहुंचा। इस हत्याकांड में 16 वर्षीय हिमांशु कुमार और 20 वर्षीय अन्नू कुमारी की मौत हो गई थी। घटना के वक्त दोनों घर के समीप खड़े थे। इसी दौरान बदमाशों में अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर दिया था। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नाजार लोगों ने कहा कि यदि जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो यह आंदोलन राज्यव्यापी किया जाएगा। इस मौके पर लोजपा (आर), क्ररुछ्वक्क, जन स्वाराज समेज विभिन्न दलित संगठन के लोग मौजूद थे। प्रदर्शनकारियों ने समाहरणालय पहुंचकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और मृतकों को न्याय दिलाने तथा दोषियों को अविलंब गिरफ्तार करने की मांग की।
पटना के बाद नालंदा में हुए डबल मर्डर ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं। हालांकि, इस पूरे मामले को पुलिस संपत्ति विवाद बता रही है और कह रही है कि आरोपियों की पहचान हो गई है। उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि बदमाशों ने गांव में घुसकर अंधाधुधं फायरिंग की थी। फायरिंग के दौरान बदमाशों ने सिर में गोली मारकर अन्नू व किशोर की हत्या कर दी थी। दोहरे हत्याकांड से जिला दहल गया। किशोर की मौके पर मौत हो गई थी। मृतका के परिजन रंजन कुमार के अनुसार गांव में अखंड कीर्तन हो रहा था। जहां बच्चों का दूसरे टोला के बच्चों से विवाद हो गया था, जिससे नाराज दूसरे पक्ष के लोग उनके टोले में आकर गोलीबारी करने लगे। युवती घर के पास खाना खा रही थी। बदमाशों ने युवती के सिर में गोली मारी थी। इसी तरह किशोर भी अपने घर के पास था। बदमाशों ने उसके सिर में भी गोली मारकर उसकी भी हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देकर बदमाश वहां से भाग गए थे।



