पटना: बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे सियासी पारा और गर्म होने की उम्मीद है। राजधानी पटना में उद्योगपति गोपाल खेमका की हत्या समेत अन्य आपराधिक घटनाओं को लेकर अब प्रदेश में राजनीति घमासान शुरू हो गया है। बिहार में बढ़ते आपराध को लेकर विपक्ष दल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी पर हमलावर हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने अपनी ही सरकार, यानी नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चिराग ने बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर नीतीश सरकार पर तीखा हमला बोला और इसे पूरी तरह ध्वस्त करार दिया।
चिराग ने अपने अधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा नालंदा के बिहार शरीफ में अपराधियों द्वारा 16 वर्षीय हिमांशु पासवान एवं 20 वर्षीय अनु कुमार की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई। ये घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। यह जघन्य घटना न केवल मानवता को झकझोरती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। यह चिंताजनक है कि जिस सरकार को सुशासन के लिए जाना जाता था, वहां कानून-व्यवस्था चरमरा गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री के गृह जिले में अपराधियों द्वारा ऐसी घटना को अंजाम देना ये स्पष्ट दर्शाता है कि अपराधियों का मनोबल चरम पर है।
चिराग ने खासतौर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले का जिक्र किया है जिसमें उन्होंने लिखा है जब मुख्यमंत्री के ही जिले में अपराधी बेखौफ होकर दिनदहाड़े दो लोगों की हत्या कर सकते हैं, तो यह स्पष्ट दर्शाता है कि अपराधियों का मनोबल कितना ऊंचा है। इस पोस्ट के माध्यम से चिराग का निशाना मुख्यमंत्री पर है क्योंकि मुख्यमंत्री के पास ही गृह मंत्रालय है। कानून व्यवस्था बिगडऩे पर जवाबदेही नीतीश कुमार की ही होगी। ऐसे में यह बयान देकर चिराग ने एक नया मोर्चा सरकार के खिलाफ खड़ा कर दिया है।
चिराग के इस आक्रामक रुख से बिहार की सियासत में नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है। बीजेपी और जेडीयू पर दबाव बढ़ सकता है, जबकि चिराग की युवा अपील एनडीए को मजबूती भी दे सकती है।
चिराग ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए, बल्कि बिहार के युवाओं के लिए डोमिसाइल नीति को लागू करने की वकालत की, जो विपक्षी राजद द्वारा भी उठाया गया मुद्दा है। उन्होंने कहा, वह बिहार के युवाओं के हित में डोमिसाइल नीति का समर्थन करते है। यह नीति वर्ष 2006 में लागू थी, लेकिन विपक्ष ने सत्ता में आने के बाद इसे रद्द कर दिया।
विगत दिनों में बिहार में कई घटनाए घटीं
बिहार में विगत कुछ दिनों में कई बड़ी आपराधिक घटना घटी है। जिसमें 4 जुलाई कों बिहार उद्योगपति गोपाल खेमका की हत्या, पूर्णिया जिले में 5 लोगों को जिन्दा जलाकर हत्या, निजी स्कूल संचालक की पटना में हत्या समेत कई ऐसी घटनाएं है जो बिहार की कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है।
एनडीए ने बिहार को क्राइम कैपिटल बना दिया : राहुल गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बिहार की कानून व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा पटना में व्यवसायी गोपाल खेमका की सरेराह गोली मारकर हत्या ने एक बार फिर साबित कर दिया है भाजपा और नीतीश कुमार ने मिलकर बिहार को भारत की क्राइम कैपिटल बना दिया है।



