भागलपुर: जिले की एक महिला ने स्थानीय पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाया है। साथ ही मानसिक उत्पीड़न, अपमान और मूल अधिकार के उल्लंघन की बात कही है। नोटिस भेजकर महिला ने पुलिस को हिदायत भी दी है कि दो महीने के भीतर माकूल जवाब न मिलने वह एक करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग के साथ सिविल में मुकदमा करेंगी।
मामला कुछ यूं है कि खलीफाबाग के कारोबारी प्रतीक झुनझुनवाला की पत्नी श्रेया कुमारी 21 मार्च को अपने पति के साथ कार से तिलकामांझी गई थीं। उनका आरोप है कि दवा लेने के लिए उन्होंने अपना वाहन कुछ देर के लिए प्राइवेट अस्पताल फार्मेसी के सामने खड़ा कर दिया। वाहन जहां खड़ा था, वहां नो-पार्किंग का कोई बोर्ड नहीं था। फिर भी, मौके पर थोड़ी देर बाद ट्रैफिक पुलिस के जवान आ धमके। कार की पूछताछ करने के साथ इन लोगों ने उनके पति के साथ बदतमीजी की और मोबाइल से वीडियो भी बनाया। बातचीत के दौरान ही ट्रैफिक पुलिस ने तिलका मांझी थाने की पुलिस को भी बुला लिया।
आरोप यह भी कि लोकल पुलिस ने भी बदसलूकी करते हुए पति-पत्नी को थाने ले जाने की धमकी दी। पुलिस को महिला ने अपनी सर्जरी के बारे में भी बताया, लेकिन पुलिस ने कोई रियायत नहीं बरती। इससे उनका मानसिक उत्पीड़न तो हुआ ही, संविधान के मूल अधिकारों का भी के उल्लंघन किया गया।
महिला का कहना है कि मार्च में ही इसकी शिकायत उन्होंने एसएसपी से की थी। लेकिन जब कार्रवाई नहीं हुई तो 30 जून को नोटिस भेजा। महिला ने बताया कि सर्जरी की मेडिकल रिपोर्ट, डिस्चार्ज सारांश व बिल वगैरह सब कुछ उन्होंने अपनी शिकायत में जोड़ दिया था, लेकिन उसके बाद भी अनदेखी की गयी।
डीजीपी के साथ आइजी, एसएसपी, एसपी और दोनों डीएसपी को भेजे गए नोटिस में महिला ने कहा है कि जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई करने के साथ उनको तत्काल एक लाख रुपए की क्षतिपूर्ति दी जाए। वहीं, पुलिस को नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने का दिशा-निर्देश जारी हो। साथ में यह भी कहा है कि अगर दो महीने में संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, तो वह एक करोड़ रुपए क्षतिपूर्ति की मांग के साथ सिविल मुकदमा भी करेंगी।



