अहमदाबाद। नगर निगम ने पालतू बिल्लियों के रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य कर दिया है। रजिस्ट्रेशन के लिए बिल्ली मालिकों को ऑनलाइन आवेदन के दौरान कई जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। इनमें आधार कार्ड या वोटर आईडी, संपत्ति कर (टैक्स) बिल, बिजली बिल, पालतू बिल्ली की फोटो, मालिक और घर की फोटो के साथ किसी पंजीकृत पशु चिकित्सक द्वारा जारी वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट शामिल हैं। सभी दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पालतू जानवरों का रिकॉर्ड तैयार
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया, एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) डॉग्स रूल्स-2023 और नेशनल एक्शन प्लान फॉर डॉग मेडिएटेड रेबीज एलिमिनेशन-2030 (NAPRE) के दिशा-निर्देशों के तहत लागू की गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पालतू जानवरों का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार करना, उनके स्वास्थ्य की निगरानी करना और रेबीज जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम को मजबूत बनाना है।
कुत्तों के रजिस्ट्रेशन को मिली अच्छी प्रतिक्रिया
नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक, शहर में कुत्तों के रजिस्ट्रेशन अभियान को भी लोगों का अच्छा समर्थन मिला है। 1 जनवरी 2025 से शुरू हुए अभियान के तहत अब तक 17,286 लोगों ने 19,643 पालतू कुत्तों का पंजीकरण कराया है। रजिस्ट्रेशन कराने वाले कुत्तों में सबसे ज्यादा संख्या लैब्राडोर की रही। इसके बाद जर्मन शेफर्ड, शिह त्जु, गोल्डन रिट्रीवर और रॉटवीलर नस्ल के कुत्ते शामिल हैं। नगर निगम का कहना है कि बिल्लियों के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन से पालतू पशुओं का बेहतर प्रबंधन संभव होगा। इससे उनके स्वास्थ्य की निगरानी आसान होगी और पशु जनित बीमारियों की रोकथाम के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।



