तेहरान। ईरान इन दिनों अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के निधन पर शोक मना रहा है। देशभर में उनके पार्थिव शरीर के साथ अंतिम यात्रा निकाली जा रही है। इस दौरान जुलूस में किल ट्रंप के नारे भी लगाए गए। शिया धार्मिक शिक्षा के प्रमुख केंद्र कोम शहर में खामेनेई की अंतिम यात्रा पहुंची। बताया जा रहा है कि इसके बाद उनका पार्थिव शरीर इराक ले जाया जाएगा, जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है।
काले वस्त्र पहने लोग हुए शामिल
सोमवार देर रात बड़ी संख्या में शोकाकुल लोग कोम स्थित जमकरन मस्जिद के आसपास एकत्र हुए और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सरकारी टेलीविजन के अनुसार मंगलवार को भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इससे पहले सोमवार को राजधानी तेहरान में निकाली गई अंतिम यात्रा में काले वस्त्र पहने हजारों लोग शामिल हुए। इस दौरान कुछ लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ नारेबाजी भी की।
इराक जाएगा खामेनेई का शव
बताया जा रहा है कि 8 जुलाई को खामेनेई का पार्थिव शरीर इराक ले जाया जाएगा, जहां शिया समुदाय के पवित्र शहर नजफ और कर्बला में धार्मिक नेता उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। उल्लेखनीय है कि ईरान और इराक के बीच 1980 से 1988 तक आठ वर्षों तक भीषण युद्ध चला था। इराक के तत्कालीन राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन ने 1980 में ईरान पर हमला किया था। माना जाता है कि 1979 की ईरानी क्रांति के प्रभाव के इराक के शिया बहुल क्षेत्रों तक पहुंचने की आशंका भी इस संघर्ष का एक प्रमुख कारण थी।
फेका गया ट्रंप का पोस्टर
कोम स्थित जमकरन मस्जिद में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए हैं। दावा किया जा रहा है कि कर्बला ले जाने से पहले खामेनेई का पार्थिव शरीर यहीं रखा जाएगा। इसके बाद 9 जुलाई को उनके गृह नगर मशहद में दफनाया जाएगा। अंतिम यात्रा के दौरान कुछ लोगों को डोनाल्ड ट्रंप के पोस्टरों पर पत्थर फेंकते हुए भी देखा गया।



