अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। सोमवार को इस मामले में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी। पुलिस ने कोर्ट से आरोपियों की पुलिस रिमांड नहीं मांगी। वहीं, अयोध्या के वकीलों ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ऐलान किया है कि शहर का कोई भी वकील इन आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से पूछताछ की है। पुलिस ने इन तीनों के आधिकारिक बयान दर्ज कर लिए हैं। पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चंपत राय दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
अयोध्या छोड़ने की मांग
इधर अयोध्या के वकीलों ने बैठक कर इस चोरी की निंदा की। बार एसोसिएशन ने फैसला किया है कि कोई भी स्थानीय वकील इस केस में आरोपियों की तरफ से कोर्ट में खड़ा नहीं होगा। इसके साथ ही वकीलों ने मांग की है कि चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा तुरंत अयोध्या छोड़ दें। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो वकीलों ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
SC का तत्काल सुनवाई से इंकार
राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच का यह मामला देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया है। वकील अनूप अवस्थी ने कोर्ट में याचिका दायर कर इस पूरे मामले की CBI (केंद्रीय जांच ब्यूरो) से जांच कराने की मांग की थी।हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ‘इस मामले में इतनी जल्दी क्या है?’



