आपातकाल के दौर में अटल बिहारी वाजपेयी की लेखनी बनी लोकतंत्र सेनानियों की आवाज़: रेखा गुप्ता

Share This Article:

राजेश तिवारी

दिल्ली। दिल्ली प्रदेश भाजपा की ओर से शुक्रवार को एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में आपातकाल (1975) पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने 1975 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताते हुए इसे लोकतंत्र पर गंभीर आघात करार दिया।

सीएम रेखा गुप्ता बोली

कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि आपातकाल के दौरान जेल में रहने के बावजूद उनकी लेखनी लोकतंत्र सेनानियों की आवाज बनी। उन्होंने कहा कि उस समय लोकतांत्रिक संस्थाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ा था।

हर्ष मल्होत्रा ने बताया

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि भारत का संविधान, स्वतंत्र न्यायपालिका, स्वतंत्र प्रेस, सक्रिय नागरिक समाज और जागरूक जनता लोकतंत्र के सबसे मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को आपातकाल के इतिहास को समझना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि आपातकाल का इतिहास एक सबक है और यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सत्ता के दुरुपयोग से ऐसी परिस्थितियां दोबारा न बनें।

कार्यक्रम में आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर नेताओं ने कहा कि 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र में एक महत्वपूर्ण और विवादास्पद अध्याय के रूप में याद किया जाता है।


Shivangi Shukla

Shivangi.shukla95512@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.