प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के मजबूत नेतृत्व में भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक, आर्थिक, टेक्नोलॉजी और डीप-टेक (Deep-Tech) सहयोग एक अभूतपूर्व दौर में प्रवेश कर चुका है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने फ्रांस के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों और ‘भारत इनोवेट्स 2026’ के मंच से फ्रांसीसी कंपनियों, वेंचर कैपिटलिस्ट्स और इनोवेटर्स को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग व नवाचार के सबसे बड़े केंद्र—भारत—में निवेश और बिजनेस विस्तार के लिए खुला निमंत्रण दिया है।
हरीश साल्वे के ‘पावर डिनर’ में रणनीतिक मंथन
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की फ्रांस यात्रा की शुरुआत बेहद प्रभावशाली और रणनीतिक बैठकों के साथ हुई। वे भारत के जाने-माने वकील और आईआईटी (IIT) दिल्ली बोर्ड के चेयरमैन हरीश साल्वे द्वारा आयोजित एक विशेष और प्रतिष्ठित डिनर में शामिल हुए।
इस डिनर की सबसे खास बात यह रही कि इसमें किसी एक क्षेत्र के नहीं, बल्कि भारत और फ्रांस दोनों देशों के शीर्ष नीति-निर्माता और विशेषज्ञ एक छत के नीचे आए:
- उद्योग जगत के मार्गदर्शक: दोनों देशों के प्रमुख इंडस्ट्री लीडर्स और सीईओ, जो वैश्विक स्तर पर व्यापार को दिशा दे रहे हैं।
- अकादमिक और अनुसंधान थिंक-टैंक: शीर्ष स्तर के एकेडेमिया, वैज्ञानिक, रिसर्चर्स और इनोवेटर्स, जो नई तकनीकों पर काम कर रहे हैं।
मंथन का मुख्य उद्देश्य: इस अनौपचारिक लेकिन बेहद महत्वपूर्ण मंच पर दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को दूर करने, संयुक्त अनुसंधान (Joint Research) को बढ़ावा देने और भारत के कुशल कार्यबल (Talent Pool) को फ्रांस की उन्नत तकनीकों के साथ जोड़ने पर एक मजबूत रोडमैप तैयार किया गया।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के मुख्य विजन और नीतिगत बयान
पीयूष गोयल ने विभिन्न मंचों से वैश्विक निवेशकों को संबोधित करते हुए भारत की नई आर्थिक क्षमता और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति को रेखांकित किया। उनके बयानों के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- नेतृत्व की दृढ़ता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच के प्रगाढ़ और दूरदर्शी संबंधों के कारण ही आज दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्रों में सहयोग बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है।
- विकास यात्रा में साझेदारी का आह्वान: उन्होंने फ्रांसीसी कंपनियों और निवेशकों से सीधा आग्रह किया कि वे भारत को केवल एक बाजार के रूप में न देखें, बल्कि भारत की इस ऐतिहासिक विकास यात्रा में एक सक्रिय भागीदार (Partner) बनें।
- टिकाऊ और समृद्ध भविष्य: भारत में निवेश केवल आर्थिक लाभ के लिए नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के लिए एक समृद्ध, सुरक्षित और टिकाऊ (Sustainable) भविष्य के निर्माण की नींव है।
यूरोप की सिलिकॉन वैली ‘सोफिया एंटीपोलिस’ का विशेष दौरा: टैलेंट और एंटरप्राइज का सफल मॉडल
अपनी यात्रा के एक बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव में पीयूष गोयल ने यूरोप के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित साइंस और टेक्नोलॉजी हब ‘सोफिया एंटीपोलिस’ (Sophia Antipolis) का दौरा किया। इसे दुनिया भर में “यूरोप की सिलिकॉन वैली” के नाम से जाना जाता है।
सोफिया एंटीपोलिस की ताकत और मुख्य विशेषताएं:
- कंपनियों का विशाल नेटवर्क: इस हाई-टेक पार्क में वर्तमान में 2,600 से अधिक वैश्विक कंपनियां सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।
- त्रिकोणीय मॉडल: यह हब अत्याधुनिक रिसर्च (Research), वैश्विक टैलेंट (Talent) और उद्यमशीलता (Enterprise) के बीच के सफल समन्वय का दुनिया में सबसे बेहतरीन उदाहरण है।
भारत के लिए इसके मायने: मंत्री महोदय ने इस इकोसिस्टम को बेहद करीब से देखा और वहां मौजूद वैश्विक इंडस्ट्री लीडर्स को भारत के तेजी से बढ़ते टेक इकोसिस्टम (जैसे बेंगलुरु, हैदराबाद और नोएडा के टेक पार्क्स) से रू-ब-रू कराया। उन्होंने इन कंपनियों को भारत में अपने रिसर्च सेंटर खोलने, स्थानीय स्टार्टअप्स के साथ सहयोग करने और अपने बिजनेस का विस्तार करने के लिए आमंत्रित किया।
‘भारत इनोवेट्स 2026’ (नीस, फ्रांस): वैश्विक मंच पर भारतीय स्टार्टअप्स का शंखनाद
फ्रांस के खूबसूरत शहर नीस (Nice) में आयोजित हो रहा ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम इस यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण साबित हो रहा है। यह आयोजन इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि भारतीय नवाचार और तकनीक का डंका अब पूरी दुनिया में बज रहा है।
इस मेगा टेक इवेंट के मुख्य आंकड़े और प्रभाव:
- 120+ अत्याधुनिक स्टार्टअप्स: भारत से आए इन स्टार्टअप्स को 13 विभिन्न क्रिटिकल टेक्नोलॉजी क्षेत्रों (जैसे- AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, क्लीन-टेक, बायोटेक, और एयरोस्पेस) से चुना गया है।
- 20 से अधिक शीर्ष संस्थान: भारत के प्रतिष्ठित शिक्षण और अनुसंधान संस्थान (IITs, IISc, और CSIR लैब्स) इस मंच पर अपनी तकनीकी खोजों का प्रदर्शन कर रहे हैं।
- 350 से अधिक ग्लोबल इन्वेस्टर्स: दुनिया भर के 350 से ज्यादा बड़े इन्वेस्टर्स और वेंचर कैपिटलिस्ट्स (VCs) भारतीय स्टार्टअप्स में पूंजी लगाने और उनके साथ पार्टनरशिप करने के लिए इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।
निष्कर्ष: डीप-टेक सहयोग और वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ते कदम
पीयूष गोयल ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारत आज की तारीख में बहुत तेजी से इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल सेंटर बनता जा रहा है। हमारे पास दुनिया का सबसे युवा और स्किल्ड वर्कफोर्स है, जबकि फ्रांस के पास अत्याधुनिक तकनीक और अनुभव है।
जब दोनों देशों के बीच यह टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप मजबूत होगी, तो इसका फायदा सिर्फ भारत और फ्रांस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था और मानवता को लाभ होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि वाणिज्य मंत्री की यह यात्रा भारत-फ्रांस के बीच डीप-टेक (Deep-Tech) सहयोग को रणनीतिक रूप से स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम है।



