नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने आज लोक निवास में छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों से आए युवा प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। ‘युवा संगम (चरण-VI)’ कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के लिए Indian Institute of Technology Bhilai को नोडल संस्थान नामित किया है। यह पहल ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान के तहत उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच सांस्कृतिक, शैक्षिक और सामाजिक एकीकरण को बढ़ावा देना है।
युवा जाएगे दिल्ली
इस चरण में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के साथ जोड़ा गया है। कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ से चयनित युवा प्रतिभागी 5 से 7 दिनों की शैक्षिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन यात्रा पर दिल्ली जाएंगे, जबकि दिल्ली के चयनित प्रतिभागी छत्तीसगढ़ का दौरा करेंगे। दिल्ली में इस कार्यक्रम के समन्वय के लिए Indian Institute of Technology Delhi को नोडल केंद्र के रूप में नामित किया गया है।
इस प्रतिनिधिमंडल में ललित कला, वाणिज्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि के छात्र शामिल हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, विकास और अनुभवों से परिचित कराना है।
विकसित भारत पर की चर्चा
उपराज्यपाल ने ‘विकसित भारत @2047’ के प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप युवाओं की भूमिका पर चर्चा करते हुए कहा कि देश की प्रगति में नवाचार, कौशल विकास, नागरिक जिम्मेदारी और सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने युवाओं को रचनात्मकता, उद्यमिता और तकनीक आधारित समाधानों के माध्यम से समकालीन चुनौतियों के समाधान में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भारत का जनसांख्यिकीय लाभ तभी देश की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है जब युवा लगातार अपने कौशल को पहचानें, विकसित करें और निखारें। उन्होंने यह भी कहा कि सफलता की शुरुआत आत्ममंथन और अपनी क्षमताओं को समझने से होती है।
युवाओ को दिया संदेश
उपराज्यपाल ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि किसी भी परीक्षा या प्रतियोगिता से जीवन अधिक महत्वपूर्ण है और असफलता को जीवन का अंत नहीं, बल्कि सफलता की ओर बढ़ने का एक चरण माना जाना चाहिए।उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि असफलता के बाद अवसाद या निराशा में जाना उचित नहीं है, बल्कि इससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भारत के विकास में तकनीक, मशीन और मानव का समन्वय (Technology-Machine-Human Synergy) अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भविष्य में वही लोग सफल होंगे जो एआई को केवल समझेंगे नहीं, बल्कि उसे वास्तविक जीवन में प्रभावी रूप से लागू करेंगे।
18 से 30 वर्ष के युवा होगे शामिल
उन्होंने युवाओं को नए अवसरों की पहचान करने, विशेषकर पर्यटन और उभरते क्षेत्रों में, रोजगार और उद्यमिता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। ‘युवा संगम’ को ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के तहत एक प्रमुख पहल बताते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं को देश की विविधता, विकास यात्रा और सांस्कृतिक एकता को समझने का अवसर देती है। यह कार्यक्रम शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की पहल है, जिसके तहत 18 से 30 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को विभिन्न राज्यों में शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अवसर मिलता है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकीकरण, सांस्कृतिक समझ और अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देना है। लोक निवास में हुई यह बातचीत युवाओं के लिए नेतृत्व, प्रशासन और सार्वजनिक सेवा से जुड़े महत्वपूर्ण अनुभवों से सीखने का अवसर बनी।



