आगामी त्योहार बकरीद (ईद-उल-अजहा) को लेकर दिल्ली सरकार के विकास विभाग ने कमर कस ली है। दिल्ली के विकास मंत्री श्री कपिल मिश्रा ने गुरुवार को विकास विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने त्योहार के दौरान पशु कल्याण संबंधी सभी नियमों और कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। मंत्री ने साफ कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों और अवैध रूप से पशुओं का परिवहन करने वालों के खिलाफ सीधे आपराधिक मामला (FIR) दर्ज कराया जाए।
सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी और खरीद-बिक्री पूरी तरह गैरकानूनी
समीक्षा बैठक के बाद जारी निर्देशों के अनुसार, दिल्ली में सड़कों, गलियों, पार्कों या किसी भी सार्वजनिक स्थल पर कुर्बानी देने पर पूरी तरह से रोक रहेगी।
- कुर्बानी के लिए केवल अधिकृत और निर्धारित स्थलों का ही उपयोग किया जा सकेगा।
- इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर पशुओं की खरीद-बिक्री को भी पूरी तरह गैरकानूनी घोषित किया गया है।
- शिकायत मिलने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस को तत्काल सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है।
इन जानवरों की कुर्बानी पर है पूर्ण प्रतिबंध
विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने स्पष्ट किया कि दिल्ली में गाय, बछड़े, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की हत्या या कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है और इसका कड़ाई से पालन कराया जाए। इसके अलावा, ‘पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम, 1960’ के तहत किसी भी जानवर के साथ क्रूरता पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
— कपिल मिश्रा, विकास मंत्री, दिल्ली सरकार
पशु संरक्षण केवल एक कानूनी दायित्व नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक और नैतिक जिम्मेदारी भी है। नागरिक भी सतर्क रहें और कहीं भी नियमों का उल्लंघन दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।”
साफ-सफाई और अपशिष्ट निपटान के सख्त नियम
त्योहार के दौरान सार्वजनिक स्वच्छता बनाए रखने के लिए विभाग को विशेष निर्देश दिए गए हैं:
- जानवरों का खून सीधे सड़कों, नालियों या नहरों में नहीं बहना चाहिए।
- कुर्बानी के बाद बचे अवशेषों (वेस्ट) को खुले में फेंकने पर पूरी तरह पाबंदी होगी।
- अवशेषों का निपटान केवल सुरक्षित और तय मानकों के जरिए ही किया जाएगा, जिसके लिए संबंधित विभाग आपस में समन्वय बनाकर निगरानी रखेंगे।
सरकार ने सोशल मीडिया, पोस्टर्स और अन्य संचार माध्यमों से लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए हैं ताकि कानून और नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति लोग संवेदनशील बन सकें।



