नई दिल्ली। साहित्यिक संस्था ‘कवि वेणु’ के तत्वावधान में रविवार को दिल्ली के मुक्तधारा ऑडिटोरियम में एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस काव्य संध्या में देश के प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी रचनाओं और प्रभावशाली प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भावुकता, ओज और शायरी का अनूठा संगम
कार्यक्रम की शुरुआत माँ की वंदना और भावपूर्ण कविताओं से हुई। वरिष्ठ कवि दिनेश रघुवंशी ने जब अपनी माँ को समर्पित पंक्तियाँ पढ़ीं, तो पूरा सभागार भावुक हो उठा। इसके बाद कुशल दौनेरिया ने अपनी धारदार शायरी से महफिल में समां बांध दिया।
देशभक्ति के स्वर को बुलंद करते हुए धरमवीर धरम ने अपनी ओजस्वी कविताओं के माध्यम से श्रोताओं में राष्ट्रवाद का जोश भर दिया। वहीं, आाशीष द्विवेदी ने समसामयिक और प्रेरक विषयों पर आधारित गीतों व शेरों से खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम का कुशल और प्रभावशाली मंच संचालन नीलमणि झा द्वारा किया गया।

साहित्यिक धरोहर को सहेजने का संकल्प
संस्था की संस्थापिका एवं कवयित्री पारुल मनचंदा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि ‘कवि वेणु’ भविष्य में भी इसी प्रकार देशभर में साहित्यिक आयोजनों के माध्यम से साहित्य की सेवा में अपनी सक्रिय भूमिका निभाती रहेगी।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडेंट राकेश निखज उपस्थित रहे। उनके साथ ही डीआरडीओ के असिस्टेंट डायरेक्टर कुनाल भूषण की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम के समापन पर पारुल मनचंदा ने सभी कवियों और श्रोताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया।



