नई दिल्ली। असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। मतदाताओं में भारी उत्साह देखा गया, जिसके परिणामस्वरूप तीनों राज्यों में मतदान का प्रतिशत पिछले चुनावों के मुकाबले बेहतर रहने का अनुमान है। शाम 5 बजे तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी 86.92 प्रतिशत मतदान के साथ शीर्ष पर रहा।
असम के दलगांव में 94% से अधिक वोटिंग
असम की सभी 126 सीटों पर एक ही चरण में मतदान संपन्न हुआ। शाम 5 बजे तक राज्य में 84.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 2021 के 82.04 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर गया है। दलगांव विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 94.57 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि अमरी में सबसे कम 70.40 प्रतिशत वोट गिरे। यहां भाजपा नीत एनडीए सत्ता की ‘हैट्रिक’ की उम्मीद लगाए बैठा है, वहीं कांग्रेस एक दशक के वनवास को खत्म कर सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। कुल 722 उम्मीदवारों की किस्मत अब 4 मई को खुलेगी।
केरल में देर शाम तक चला मतदान
केरल की 140 सीटों पर शाम 6 बजे आधिकारिक तौर पर मतदान समाप्त हुआ, लेकिन कई बूथों पर भारी भीड़ के कारण प्रशासन को टोकन जारी करने पड़े। शाम 5 बजे तक राज्य में 75.01 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। यह 2021 के 74.06 प्रतिशत से थोड़ा अधिक है। राज्य के 35 जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच 31,490 केंद्रों पर वोट डाले गए।
पुडुचेरी रहा लोकतंत्र के उत्सव में सबसे आगे
पुडुचेरी की 30 सीटों पर जनता ने जमकर वोट बरसाए। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक यहां मतदान 86 प्रतिशत के पार निकल गया है। यहां मुकाबला एनडीए (AINRC नीत गठबंधन) और कांग्रेस नीत विपक्षी गठबंधन के बीच है। विपक्षी दल स्थानीय स्वायत्तता और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर सत्ता परिवर्तन का दावा कर रहे हैं। मतदान समाप्त होने के बाद अब सभी की निगाहें 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। फिलहाल सभी ईवीएम मशीनों को कड़े पहरे में स्ट्रॉन्ग रूम में सील कर दिया गया है।



