नई दिल्ली। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अहमदाबाद के मणिनगर में व्यस्त अहमदाबाद-वडोदरा रेलवे लाइन के ऊपर लगभग 1360 मीट्रिक टन वजनी विशाल पोर्टल बीम (गर्डर) की लॉन्चिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई। भारतीय रेल के बुनियादी ढांचे के ऊपर किया गया यह अब तक का सबसे भारी लिफ्ट ऑपरेशन माना जा रहा है।
3.5 घंटे में ‘असंभव’ को किया मुमकिन
इस जटिल कार्य के लिए पहले 6 महीने के ‘कॉशन ऑर्डर’ और 9 घंटे के ट्रैफिक ब्लॉक की योजना थी लेकिन सूक्ष्म नियोजन के दम पर इंजीनियरों ने इसे मात्र 3.5 घंटे के पावर ब्लॉक में पूरा कर दिखाया। 15 मीटर की ऊंचाई पर इस विशालकाय कंक्रीट संरचना को स्थापित करने के लिए 2200 मीट्रिक टन क्षमता वाली दुनिया की सबसे ताकतवर क्रॉलर क्रेनों में से एक का उपयोग किया गया।

इंजीनियरिंग की बड़ी चुनौतियां
सीमित कार्यक्षेत्र, बिजली के हाई-वोल्टेज तारों (ओएचई) की मौजूदगी और बीम के विशाल आकार के कारण हवा की गति का दबाव बड़ी चुनौतियां थीं। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 75 मिलीमीटर व्यास के विशेष स्टील बार और भारी-भरकम स्लिंग्स का उपयोग किया गया। रेल अधिकारियों के साथ रियल-टाइम तालमेल और सटीक सर्वे के जरिए इस कार्य को मिलीमीटर की परिशुद्धता के साथ अंजाम दिया गया।

साइट पर ही हुआ निर्माण
इस 34 मीटर लंबे पोर्टल बीम का निर्माण साइट पर ही प्रीकास्ट तकनीक से किया गया है। मणिनगर स्टेशन के पास ऐसे कुल 5 बीम लगाए जाने हैं। सुरक्षा के कड़े मानकों के बीच 260 टन और 80 टन की सहायक क्रेनों के बैकअप के साथ इस मिशन को पूरा किया गया। इस सफल ऑपरेशन से अब अहमदाबाद-वडोदरा सेक्शन में बुलेट ट्रेन के बुनियादी ढांचे का काम और भी आसान हो जाएगा।



