नयी दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच हालात और गंभीर होते जा रहे हैं। Benjamin Netanyahu के नेतृत्व में इज़रायल ने ईरान के नागरिकों को बड़ा अलर्ट जारी करते हुए अगले 12 घंटे तक ट्रेनों और रेलवे ट्रैक से दूर रहने को कहा है। इस चेतावनी को संभावित हमलों और सुरक्षा खतरों से जोड़कर देखा जा रहा है।
इज़रायल की सीधी चेतावनी
इज़रायली सेना ने फारसी भाषा में जारी संदेश में कहा कि नागरिक अपनी सुरक्षा के लिए देशभर में ट्रेन से यात्रा न करें। सेना ने साफ कहा कि रेलवे ट्रैक या ट्रेनों के आसपास मौजूद रहना लोगों की जान को खतरे में डाल सकता है।
युद्ध के बीच बढ़ती टेंशन
ईरान, अमेरिका और इज़रायल के बीच चल रहा संघर्ष अब और तेज होता दिख रहा है। बीते कुछ हफ्तों में लगातार हमले और जवाबी कार्रवाई देखने को मिली है, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है।
तेहरान में हमले की खबर
ईरानी मीडिया के मुताबिक, Rafi-Nia Synagogue को हालिया हमलों में पूरी तरह तबाह कर दिया गया। यह हमला अमेरिका-इज़रायल के संयुक्त ऑपरेशन का हिस्सा बताया जा रहा है।
धार्मिक स्थल पर हमले से बढ़ी चिंता
ईरान में यहूदी धर्म को आधिकारिक मान्यता प्राप्त है, लेकिन 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद यहां यहूदी आबादी काफी कम हो गई थी। ऐसे में सिनेगॉग पर हमला होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ गई है।
ईरान ने ट्रंप की धमकियों को किया खारिज
Donald Trump द्वारा दी गई चेतावनियों को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी सेना ने इसे “घमंडी बयानबाजी” और “बेबुनियाद धमकी” बताया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना बड़ा मुद्दा
अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसने Strait of Hormuz को नहीं खोला, तो बड़े पैमाने पर हमले किए जा सकते हैं। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम है।
ट्रंप की बड़ी धमकी
ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका चाहे तो कुछ ही घंटों में ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह तबाह कर सकता है, जिसमें पुल, पावर प्लांट और अन्य अहम ढांचे शामिल हैं।
स्थिति बेहद संवेदनशील
लगातार बढ़ते हमलों, चेतावनियों और जवाबी कार्रवाई के बीच मध्य पूर्व की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। आम नागरिकों के लिए सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बन गई है।



