नई दिल्ली: उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडेय ने बड़ौदा हाउस स्थित प्रधान कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में वित्तीय वर्ष 2025–26 की उपलब्धियों का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि यह वर्ष उत्तर रेलवे के लिए ऐतिहासिक रहा, जिसमें रिकॉर्ड माल ढुलाई, आधुनिक अवसंरचना विस्तार और यात्री सुरक्षा व सेवाओं में बड़े सुधार दर्ज किए गए।
यात्री सेवाओं में विस्तार, नई ट्रेनों का संचालन बढ़ा
रेलवे ने 35 जोड़ी नई ट्रेनों का संचालन शुरू किया, जिनमें 8 वंदे भारत और 14 अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। त्योहारों और विशेष परिस्थितियों में 5000 से अधिक विशेष ट्रेनों का संचालन कर यात्री दबाव को सफलतापूर्वक संभाला गया। नए यमुना ब्रिज की कमीशनिंग सहित कई अवसंरचना परियोजनाएं भी पूरी की गईं।
सिग्नलिंग, सुरक्षा और तकनीक में बड़ा सुधार
उत्तर रेलवे ने सभी यात्री यार्डों से मैकेनिकल सिग्नलिंग समाप्त कर दी और 52 लेवल क्रॉसिंग गेट्स को इंटरलॉक किया। 38 रूट किमी पर कवच सुरक्षा प्रणाली और 63.9 रूट किमी पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग लागू की गई। 321 स्टेशनों पर सीसीटीवी और 133 स्टेशनों पर पीए सिस्टम स्थापित कर सुरक्षा को मजबूत किया गया।
माल ढुलाई में रिकॉर्ड प्रदर्शन और लॉजिस्टिक्स में सुधार
उत्तर रेलवे ने इस वर्ष 52.26 मिलियन टन की अब तक की सर्वाधिक वार्षिक मूल माल लोडिंग हासिल की। 31 मार्च 2026 को एक दिन में 119 रेक लोड करने का रिकॉर्ड भी बना। “कार्गो सर्विस” के माध्यम से अन्नपूर्णा और निर्यात मार्गों पर लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूत किया गया, जिससे परिवहन समय में उल्लेखनीय कमी आई। कश्मीर घाटी में पहली बार 14,869 टन सेब की रेल ढुलाई और अनंतनाग गुड्स शेड का शुभारंभ एक बड़ी उपलब्धि रही।
राजस्व, डिजिटलाइजेशन और नई सेवाओं में तेजी
रेलवे ने 12,006.73 करोड़ की आय दर्ज की, जिसमें गैर-किराया राजस्व में 32.65% की वृद्धि हुई। रेलवन ऐप के जरिए डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा मिला, जिसमें मासिक टिकट बुकिंग 16.12 लाख से बढ़कर 133.33 लाख पहुंच गई। सोनिक गुड्स शेड पर देश की पहली डोर-टू-डोर लॉजिस्टिक्स सेवा शुरू की गई। देवबन्द–रुड़की नई रेल लाइन सहित कई परियोजनाएं शुरू की गईं। जलंधर छावनी स्टेशन और जम्मू तवी कोचिंग टर्मिनल का विस्तार भी किया गया।
यांत्रिक, विद्युत और सुरक्षा बल की बड़ी उपलब्धियां
हाइड्रोजन ट्रेन परीक्षण सफल रहा, जबकि एचओजी योजना से ₹399 करोड़ की एचएसडी बचत दर्ज की गई। 662 लोकोमोटिव में कवच प्रणाली लगाई गई। रेलवे सुरक्षा बल ने 2,026 बच्चों को बचाया और करोड़ों की चोरी गई संपत्ति बरामद की। महाप्रबंधक ने कहा कि उत्तर रेलवे लगातार आधुनिक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर परिवहन व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जो भारतीय रेलवे की रीढ़ को और मजबूत कर रहा है।



