नई दिल्ली। नालंदा जिले के मघड़ा गांव स्थित प्रसिद्ध मां शीतला मंदिर में मंगलवार सुबह मची भगदड़ में 8 महिला श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई। चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार को पूजा-अर्चना के लिए उमड़ी हजारों की भीड़ को नियंत्रित करने में विफल रहने के कारण यह हादसा हुआ। हादसे में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हैं, जिन्हें इलाज के लिए बिहारशरीफ के मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मृतकों में सभी महिलाएं
हादसे के बाद मंदिर परिसर और अस्पताल में चीख-पुकार मच गई। मृतकों में अब तक दो महिलाओं की पहचान हो सकी है, जिनमें नालंदा निवासी रीता देवी (50 वर्ष) और रेखा देवी (45 वर्ष) शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर का गर्भगृह छोटा होने और भीड़ अत्यधिक होने के कारण लोग एक-दूसरे के ऊपर चढ़ने लगे। दर्शन की जल्दी में मची आपाधापी ने देखते ही देखते मौत का तांडव मचा दिया।
राष्ट्रपति के दौरे के बीच बड़ा हादसा
यह हादसा उस समय हुआ जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए जिले में ही मौजूद रहने वाली थीं। घटनास्थल राष्ट्रपति के कार्यक्रम स्थल से मात्र 30 किलोमीटर दूर है। हादसे के तुरंत बाद प्रशासन ने मंदिर में दर्शन रोक दिए हैं और मघड़ा मेले को बंद करवा दिया है। भारी पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया है।
क्यों उमड़ी थी इतनी भीड़?
चैत्र मास की शीतला अष्टमी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। परंपरा के अनुसार, इस दिन घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता और माता को बासी (ठंडा) भोजन का भोग लगाया जाता है। मघड़ा स्थित इस प्राचीन मंदिर में चैत्र के आखिरी मंगलवार को बिहार के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुँचते हैं। भीड़ का आलम यह था कि कतारें टूट गईं और लोग गर्भगृह में घुसने के लिए एक-दूसरे को धकेलने लगे, जिससे यह बड़ा हादसा हो गया।



