नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने आज पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रूपए प्रति लीटर से घटाकर 3 रूपए प्रति लीटर और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रूपए प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया है। इसको लेकर दिल्ली और देश में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पेट्रोल डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कटौती का दिल्ली और देश के व्यापारियों, दुकानदारों, फैक्ट्री मालिकों और ट्रांसपोर्ट संचालकों सभी ने स्वागत किया है।
कच्चे तेल की कीमतें 90 से 110 डाॅलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है
बृजेश गोयल ने बताया कि पश्चिमी एशिया में बढ़ते संकट और युद्ध के कारण पिछले दिनों कच्चे तेल की कीमतें 90 डाॅलर प्रति बैरल से 110 डाॅलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है और पूरे विश्व में ऑयल एवं गैस का संकट खड़ा हो गया है,
ऐसी आशंका जताई जा रही थी कि भारत में पेट्रोलियम कंपनियां कभी भी पेट्रोल डीजल की दरों में बढ़ोतरी कर सकती हैं, अगर वास्तव में ऐसा होता तो मालभाड़ा बढ़ने के साथ साथ पूरे देश में महंगाई बढ़ने की आशंका होती,
पेट्रोलियम कंपनियां दामों में बढ़ोतरी न करें
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि आज केन्द्र सरकार ने पेट्रोल डीजल एक्साइज ड्यूटी में जबरदस्त कटौती की है, अब पेट्रोलियम कंपनियों का भी दायित्व बनता है कि वो पेट्रोल डीजल के दामों में बढ़ोतरी के बारे में विचार भी ना करें। बृजेश गोयल ने बताया कि पिछले कुछ महीनों पहले अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल का भाव लगभग 90 डाॅलर प्रति बैरल था जो कि युद्ध के कारण 110 डाॅलर प्रति बैरल पहुंच गया, अगर अगले कुछ दिनों में युद्ध रूकता है और कच्चे तेल की कीमतें 90 डाॅलर प्रति बैरल से नीचे आती हैं तो पेट्रोलियम कंपनियों को पेट्रोल डीजल की दरों में कटौती करनी चाहिए जिससे कि आज केन्द्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी कटौती का फायदा आम जनता को मिल सके।



