नई दिल्ली। बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले में बुधवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यात्रियों से भरी एक बस दाउलतदिया घाट पर फेरी (बड़ी नाव) पर चढ़ते समय अनियंत्रित होकर पद्मा नदी में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में अब तक 25 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि कई यात्री अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है।
बस के भीतर से निकाले गए 23 शव
अग्निशमन सेवा (फायर सर्विस) के अधिकारियों के अनुसार, गोताखोरों ने नदी की गहराई से बस को खोजने के बाद उसके भीतर से 23 शव बरामद किए। मृतकों में 11 महिलाएं, 7 पुरुष और 5 मासूम बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा, स्थानीय लोगों और प्रशासन ने मिलकर 8 लोगों को जीवित बाहर निकाला था, लेकिन अस्पताल ले जाते समय दो महिलाओं ने दम तोड़ दिया।
6 घंटे की मशक्कत के बाद बाहर निकली बस
हादसे की जानकारी मिलते ही अग्निशमन सेवा की चार टीमें, 10 गोताखोर, सेना, पुलिस और तटरक्षक बल (कोस्टगार्ड) मौके पर पहुंचे। बचाव दल ने ‘हमजा’ नामक विशेष जहाज की सहायता से करीब 6 घंटे के कड़े संघर्ष के बाद आधी रात को बस को पानी से बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस ढाका जा रही थी और उसमें सवार ज्यादातर लोग ईद की छुट्टियां बिताकर अपने काम पर लौट रहे थे।
लापरवाही की जांच के आदेश
प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए बचाव कार्य का जायजा लिया और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट उचेन मेय की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। इस समिति में पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें 3 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
एक ही परिवार के कई सदस्य हुए हताहत
हादसे का मंजर इतना खौफनाक था कि बस में सवार कई परिवारों के चिराग बुझ गए। बताया जा रहा है कि बस में लगभग 40 यात्री सवार थे। कुछ यात्री जो बस के पायदान पर या बाहर खड़े थे, वे कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन अंदर बैठे लोग पानी के तेज बहाव और बस के अचानक डूबने के कारण फंस गए।



