तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टीम ईरान के साथ सीजफायर वार्ता करना चाहती है। इस प्रयास में ट्रम्प के सलाहकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ भी शामिल हैं।
ईरान की शर्तें
ईरान ने बातचीत के लिए स्पष्ट शर्तें रखीं हैं:
- पहले युद्ध रोक दिया जाए और उसे हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए
- भविष्य में उस पर फिर से हमला न हो, इसकी पक्की गारंटी दी जाए
अमेरिका ने फिलहाल इन शर्तों को स्वीकार नहीं किया है, खासकर मुआवजे की मांग को।
अमेरिका की मांगें
अमेरिका चाहता है कि ईरान:
- अपने मिसाइल प्रोग्राम को अस्थायी तौर पर बंद करे
- यूरेनियम समृद्धिकरण रोक दे
- परमाणु ठिकानों को बंद करे
- हिजबुल्लाह और हमास को वित्तीय सहायता देना बंद करे
अभी अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत नहीं हो रही है, लेकिन मिस्र, कतर और ब्रिटेन जैसे देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।
BRICS से मदद की मांग
ईरान के राष्ट्रपति मसूज पजशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करते हुए कहा कि BRICS देशों को ईरान पर हो रहे हमले रोकने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि मिडिल ईस्ट के देश मिलकर एक नया सुरक्षा तंत्र बनाएं, जिससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे और बाहरी देशों का दखल कम हो।




