नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में रविवार का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसी भी सरकार के मुखिया (मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री मिलाकर) के तौर पर सबसे लंबे समय तक सेवा करने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। रविवार, 22 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी के शासन के कुल 8,931 दिन पूरे हो गए हैं, जिसके साथ ही उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
चामलिंग का 25 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग वर्ष 1994 से 2019 तक लगातार 25 वर्षों तक सत्ता के शीर्ष पर रहे थे। उनके नाम दर्ज 8,930 दिनों का यह रिकॉर्ड दशकों से अटूट माना जा रहा था। लेकिन रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने शासन के 8,931वें दिन में प्रवेश कर भारत में किसी भी सरकार के प्रमुख के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल पूरा करने की असाधारण उपलब्धि हासिल की।
गुजरात से दिल्ली तक का अविराम सफर
प्रधानमंत्री मोदी की यह राजनीतिक यात्रा दो महत्वपूर्ण चरणों में विभाजित है:
प्रथम चरण (गुजरात के मुख्यमंत्री): नरेंद्र मोदी ने 2001 से 2014 तक करीब 13 वर्षों तक गुजरात की कमान संभाली। इस दौरान उनके ‘गुजरात मॉडल’ की चर्चा देशभर में हुई।
द्वितीय चरण (देश के प्रधानमंत्री): वर्ष 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद से वे लगातार इस पद पर आसीन हैं। 2014, 2019 और फिर 2024 के लोकसभा चुनावों में जनता ने उन्हें भारी जनादेश देकर इस सफर को ऐतिहासिक बनाया।
पीएम मोदी के नाम दर्ज अन्य विशिष्ट उपलब्धियां
इस नए रिकॉर्ड के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के नाम कई अन्य गौरवशाली उपलब्धियां भी जुड़ी हैं। वे देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो मुख्यमंत्री के रूप में 13 वर्षों का विशाल प्रशासनिक अनुभव लेकर दिल्ली पहुंचे। नरेंद्र मोदी (जन्म 1950) देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिनका जन्म स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद हुआ है। गुजरात के इतिहास में उनसे लंबा कार्यकाल किसी अन्य मुख्यमंत्री का नहीं रहा है।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री को बधाई दी। उन्होंने लिखा, “नरेंद्र मोदी का पूरा जीवन देश और देशवासियों की सेवा को समर्पित रहा है। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक यह यात्रा सेवा, ईमानदारी और राष्ट्र प्रथम की भावना की यात्रा है।”



