तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी | पश्चिम एशिया में तनाव अब खुली जंग में बदलता नजर आ रहा है। ईरान ने रविवार सुबह Israel पर 4 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों में बच्चे भी शामिल हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को 48 घंटे के भीतर Strait of Hormuz खोलने का अल्टीमेटम दिया है।
लगातार हमलों से बढ़ी तबाही
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार सुबह हुए हमलों के अलावा शनिवार रात भी Iran ने Israel के डिमोना और अराद शहरों को निशाना बनाया था। डिमोना में इजराइल का प्रमुख परमाणु संयंत्र स्थित है, जिससे इन हमलों की गंभीरता और बढ़ गई है।
इजराइली सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार कुछ मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया, लेकिन उनके मलबे के गिरने से भी नुकसान हुआ।
ट्रम्प की चेतावनी से बढ़ा तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर 48 घंटे के भीतर Strait of Hormuz को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला करेगा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब इस अहम समुद्री मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हो रही है और वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर असर पड़ रहा है।
ईरान की जवाबी धमकी
अमेरिकी चेतावनी के बाद Iran ने भी कड़ा रुख अपनाया है। ईरान ने कहा है कि अगर उसके पावर प्लांट्स को निशाना बनाया गया, तो वह मिडिल ईस्ट में United States और Israel से जुड़े सभी ऊर्जा ढांचों पर हमला करेगा।
इससे क्षेत्र में बड़े सैन्य टकराव की आशंका और गहरी हो गई है।
BRICS से हस्तक्षेप की मांग
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने भारत के प्रधानमंत्री से बातचीत में कहा है कि BRICS देशों को इस संघर्ष को रोकने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि मिडिल ईस्ट के देश मिलकर एक नया क्षेत्रीय सुरक्षा तंत्र बनाएं, ताकि बाहरी हस्तक्षेप कम हो और स्थिरता कायम रह सके।
जंग का दायरा बढ़ा, कई मोर्चों पर हमले
ताजा घटनाक्रम में संघर्ष कई मोर्चों पर फैलता दिख रहा है:
- इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी ठिकानों पर रातभर रॉकेट और ड्रोन हमले
- लेबनान की ओर से इजराइल के उत्तरी इलाके मिसगव पर हमला, एक व्यक्ति की मौत
- हिजबुल्लाह ने इस हमले की जिम्मेदारी ली
- पिछले 24 घंटों में 300 से ज्यादा घायल अस्पतालों में भर्ती
इसके अलावा कतर में हेलिकॉप्टर क्रैश में 6 लोगों की मौत की भी खबर है, हालांकि इसे तकनीकी खराबी से जुड़ा हादसा बताया जा रहा है।
आगे क्या?
मौजूदा हालात बेहद संवेदनशील हैं और आने वाले 48 घंटे निर्णायक माने जा रहे हैं। अगर कूटनीतिक प्रयास विफल रहते हैं, तो यह टकराव पूरे पश्चिम एशिया में बड़े युद्ध का रूप ले सकता है।
दुनिया की नजरें अब Strait of Hormuz और अमेरिका-ईरान के अगले कदमों पर टिकी हैं, जहां से आगे की दिशा तय होगी।



