कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा उम्मीदवार राहुल सिन्हा ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ कथित तौर पर किए गए व्यवहार को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की। इस दौरान भाजपा के राज्य मुख्य प्रवक्ता एडवोकेट देवजीत सरकार भी मौजूद थे।
राष्ट्रपति के साथ व्यवहार अस्वीकार्य
राहुल सिन्हा ने कहा कि हाल की घटनाओं से तृणमूल कांग्रेस की राजनीतिक हताशा साफ दिखाई देती है। उनके अनुसार राज्य में संभावित राजनीतिक बदलाव की आशंका से तृणमूल नेतृत्व बेचैन है और इसी कारण संवैधानिक संस्थाओं और व्यक्तित्वों पर हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की राष्ट्रपति के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह पूरी तरह अस्वीकार्य है और यह सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान है।
संथाल सम्मेलन को लेकर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि नवम अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में भाग लेने के लिए राष्ट्रपति का पश्चिम बंगाल दौरा राज्य के लिए गर्व की बात थी। लेकिन कार्यक्रम स्थल बदलने और आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं करने के कारण कार्यक्रम के महत्व को कम करने की कोशिश की गई। उनके अनुसार इससे केवल राष्ट्रपति ही नहीं बल्कि पूरे आदिवासी समाज का अपमान हुआ है।
राष्ट्रपति ने संयम दिखाया
राहुल सिन्हा ने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद राष्ट्रपति ने अपने वक्तव्य में संयमित भाषा का प्रयोग किया और मुख्यमंत्री को ‘बहन’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद मुख्यमंत्री की ओर से न तो कोई खेद व्यक्त किया गया और न ही किसी जांच के आदेश दिए गए, बल्कि पूरे मामले का बचाव किया गया।
बंगाल की संस्कृति के विपरीत घटना
उन्होंने कहा कि बंगाल की परंपरा में अतिथि का सम्मान सर्वोपरि माना जाता है और “अतिथि देवो भव” की भावना का पालन किया जाता है। लेकिन हाल की घटनाओं ने इस परंपरा को आघात पहुंचाया है और यह राज्य की सांस्कृतिक मूल्यों के विपरीत है।
आदिवासी समाज की उपेक्षा का आरोप
राहुल सिन्हा ने तृणमूल सरकार पर आदिवासी समाज की उपेक्षा और अपमान करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि अतीत में भी कई बार आदिवासी समुदाय के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां सामने आई हैं और मौजूदा घटना उसी क्रम का हिस्सा है।
आदिवासी क्षेत्रों में जाएगी भाजपा
उन्होंने बताया कि भाजपा कार्यकर्ता आदिवासी बहुल क्षेत्रों में जाकर इस मुद्दे को जनता के सामने रखेंगे। उनके अनुसार ‘परिवर्तन यात्रा’ के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में लोगों के बीच राजनीतिक बदलाव की इच्छा पहले ही स्पष्ट हो चुकी है।
केंद्र की योजनाओं का किया उल्लेख
राहुल सिन्हा ने आदिवासी विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में जनजातीय कार्य मंत्रालय के लिए आवंटन बढ़ाया गया है और शिक्षा, बुनियादी ढांचे तथा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं।
उन्होंने राष्ट्रपति और आदिवासी समाज के प्रति कथित अपमानजनक व्यवहार को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राज्य सरकार से सार्वजनिक माफी की मांग की। साथ ही इस घटना में शामिल प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जांच और उचित कार्रवाई की भी मांग की।



