नई दिल्ली | दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी के द्वारका कैंपस में सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता सत्र का सफल आयोजन किया गया।
कुलपति प्रो. अशोक के. नागावत के मार्गदर्शन में आयोजित इस संगोष्ठी का मुख्य विषय ‘एचपीवी वैक्सीनेशन एवं स्तन कैंसर जागरूकता’ रहा। कार्यक्रम में कैंपस निदेशक डॉ. पंकज लाठर और एसोसिएट कैंपस निदेशक डॉ. अनंताबोतला वंसी मोहन की गरिमामयी उपस्थिति ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

कैंसर रोकथाम के लिए 30 वर्षों का अनुभव साझा
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर की वरिष्ठ सलाहकार (प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी) डॉ. शशि रखेजा ने शिरकत की।
30 से अधिक वर्षों का अनुभव साझा करते हुए डॉ. रखेजा ने बताया कि कैसे ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण के जरिए सर्वाइकल कैंसर के खतरे को न्यूनतम किया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित किया कि वे स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और इस जानकारी को समाज के अन्य वर्गों तक पहुँचाएं।
ब्रेस्ट सेल्फ एग्जामिनेशन का व्यावहारिक प्रदर्शन
डॉ. रखेजा ने सत्र के दौरान स्तन कैंसर के लक्षणों और जोखिम कारकों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने ‘ब्रेस्ट सेल्फ एग्जामिनेशन’ की सरल विधि का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि नियमित स्वयं जांच से किसी भी असामान्य परिवर्तन का प्रारंभिक स्तर पर पता लगाया जा सकता है, जो सफल उपचार के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।
संवादात्मक सत्र और निवारक स्वास्थ्य पर जोर
छात्रों और संकाय सदस्यों के लिए यह सत्र काफी संवादात्मक रहा, जहां टीकाकरण और कैंसर स्क्रीनिंग से जुड़े कई जटिल प्रश्नों के उत्तर डॉ. रखेजा ने बहुत ही सरल ढंग से दिए।
कैंपस की स्टूडेंट एडवाइजरी टीम द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य ‘प्रिवेंटिव हेल्थकेयर’ (निवारक स्वास्थ्य देखभाल) को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने भविष्य में भी ऐसे ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित करने की इच्छा जताई।



