नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने नागरिको को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दिल्ली (नागरिकों को समय पर सर्विस प्राप्त करने का अधिकार) एक्ट 2011 के प्रभावी क्रियान्वयन को और मजबूत करने के मकसद से सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. पंकज सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को दिल्ली सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक की। यह पहल भारत सरकार के कैबिनेट सेक्रेटेरिएट द्वारा ‘डीरेगुलेशन एक्सरसाइज– फेज़ II’ के अंतर्गत दिए गए सुझावों के अनुरूप है, जिसमें राज्यों से टाइम-बाउंड सर्विस डिलीवरी फ्रेमवर्क सुनिश्चित करने के लिए रेगुलेटरी और प्रोसिजरल सुधार करने के लिए कहा गया है, ताकि सरकारी सेवाओं में सुगमता को बढ़ावा दिया जा सके और समयबद्ध सर्विस की मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
दिल्ली RTS एक्ट के मौजूदा फ्रेमवर्क की समीक्षा की
मीटिंग के दौरान दिल्ली RTS एक्ट के मौजूदा फ्रेमवर्क की बारीकी से समीक्षा की गई। वर्तमान में इस एक्ट के तहत 537 सर्विसेज़ नोटिफाई की गई हैं, जिसकी मॉनिटर e-SLA पोर्टल के जरिए की जाती हैं। मौजूदा सिस्टम में सर्विस में देरी होने पर अपील दायर करने के लिए एप्लीकेंट को खुद दखल देने की ज़रूरत होती है और टाइमलाइन (SLA) खत्म होने के बाद ज़्यादातर मैनुअल जांच के जरिए जवाबदेही तय की जाती है।
तय सर्विस टाइमलाइन खत्म होने पर खुद ऑटोमैटिक अपील फाइल हो जाएगी
प्रस्तावित सिस्टम-आधारित व्यवस्था का मकसद तय सर्विस टाइमलाइन (SLA) खत्म होने पर खुद ऑटोमैटिक अपील फाइल हो जाएगी और एप्लीकेंट को कोई एक्शन लेने की ज़रूरत नहीं होगी। यह सिस्टम रियल-टाइम डैशबोर्ड और ट्रांसपेरेंट मॉनिटरिंग के साथ हायर अथॉरिटीज़ को स्ट्रक्चर्ड और टाइम-बाउंड एस्केलेशन सुनिश्चित करेगा।
मीटिंग में हरियाणा के ‘राइट टू सर्विस’ फ्रेमवर्क विशेषकर इसके ऑटो-अपील सिस्टम (AAS) को एक मानक के रूप में प्रस्तुत किया गया। हरियाणा मॉडल ऑटोमैटिक एस्केलेशन तय पेनल्टी प्रोविज़न और समाधान तक लगातार डिजिटल निगरानी सुनिश्चित करता है। बैठक में राजधानी दिल्ली के कानूनी और प्रशासनिक संरचना के अनुरूप समान प्रावधानों को अपनाने पर विचार-विमर्श किया गया।
दूसरे राज्यों द्वारा अपनाई गई बेस्ट प्रैक्टिस की बारीकी से स्टडी की जाए

दिल्ली के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने आईटी डिपार्टमेंट को निर्देश दिया कि फ्रेमवर्क को फाइनल करने से पहले दूसरे राज्यों द्वारा अपनाई गई बेस्ट प्रैक्टिस की बारीकी से स्टडी किया जाए, ताकि राजधानी दिल्ली का मॉडल कानूनी तौर पर बेहद मजबूत, टेक्नोलॉजी में एडवांस्ड और एडमिनिस्ट्रेटिव तौर पर भी असरदार हो। दिल्ली RTS एक्ट, 2011 और उसके नियमों में ज़रूरी बदलावों के साथ-साथ सभी डिपार्टमेंट में रियल-टाइम इंटीग्रेशन के लिए e-SLA पोर्टल के टेक्निकल अपग्रेडेशन पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई और करीब छह महीने की अनुमानित इम्प्लीमेंटेशन टाइमलाइन का पालन करने को कहा गया।
ऑटो-अपील मैकेनिज्म यह सुनिश्चित करने का काम करेगा कि होने वाली देरी को सिस्टम खुद ही ठीक करे
इस दौरान आईटी मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि हमारा मकसद एक प्रोएक्टिव और नागरिक-केंद्रित गवर्नेंस सिस्टम बनाना है, जहां अकाउंटेबिलिटी ऑटोमैटिक और ट्रांसपेरेंट हो। ऑटो-अपील मैकेनिज्म यह सुनिश्चित करने का काम करेगा कि होने वाली देरी को सिस्टम खुद ही ठीक करे और दिल्ली के नागरिकों पर कोई बोझ न पड़े। हम दिल्ली के लिए एक बेहद मजबूत और टिकाऊ फ्रेमवर्क बनाने के लिए दूसरे राज्यों के बेस्ट प्रैक्टिस को बारीकी से स्टडी करेंगे। मंत्री ने कहा भाजपा सरकार पूरी दिल्ली में पब्लिक सर्विस डिलीवरी में ट्रांसपेरेंसी, अकाउंटेबिलिटी और एफिशिएंसी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।



