लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 1.56 लाख शिक्षा मित्र-अनुदेशकों की सैलरी बढ़ने वाली है। यूपी विधान परिषद में CM योगी ने गवर्नर के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि हम शिक्षा मित्रों, इंस्ट्रक्टर, आंगनवाड़ी वर्कर और आशा वर्कर की सैलरी बढ़ाएंगे। हम बेसहारा महिलाओं और दिव्यांगों की पेंशन भी बढ़ाने जा रहे हैं। टीचर कोई भी हो, हमने उन्हें ₹5 लाख तक की कैशलेस हेल्थकेयर सुविधाएं दी हैं। यह 1 अप्रैल से लागू होगा।
9 साल बाद बढ़ेगा मानदेय
उत्तर प्रदेश में में 1.47 लाख शिक्षा मित्र और 28,000 से ज़्यादा इंस्ट्रक्टर हैं। सरकार करीब नौ साल बाद उनका मानदेय बढ़ाने की प्लानिंग कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, शिक्षा मित्रों और इंस्ट्रक्टर का मानदेय हर महीने ₹2,000 बढ़ सकता है। BJP ने अपने 2017 के असेंबली इलेक्शन मैनिफेस्टो में शिक्षा मित्रों की समस्याओं का कानूनी हल निकालने का वादा किया था। इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट के एक ऑर्डर ने असिस्टेंट टीचर के पद पर उनका एडजस्टमेंट कैंसिल कर दिया।
आशा वर्कर की भी बढ़ेगी सैलरी
उस समय सरकार ने शिक्षा मित्रों का मानदेय ₹3,500 से बढ़ाकर ₹10,000 प्रति महीना कर दिया था। लेकिन तब से मानदेय में एक भी रुपया नहीं बढ़ाया गया है। सत्ताधारी और विपक्षी दोनों पार्टियों के MLA शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, जबकि राज्य में करीब 1.70 लाख आशा वर्कर हैं। हर 1,000 लोगों पर एक आशा वर्कर नियुक्त की जाती है। आशा वर्कर को गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी के लिए सरकारी अस्पताल ले जाने और दूसरी सेवाओं के लिए इंसेंटिव दिया जाता है। यह इंसेंटिव 2,500 से 3,500 रुपये प्रति महीना है। इस रकम को भी बढ़ाने का प्रस्ताव है।



