दिल्ली मेट्रो के चरण 5(ए) परियोजना के तहत तीन नए कॉरिडोर बनाने को मंजूरी

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा दिल्ली मेट्रो फोस -5 चरण करीब 12,014 करोड़ रुपये की परियोजना, दिल्ली सरकार वहन करेगी 2,940 करोड़ रुपये। परियोजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘7-C विजन’ को आगे बढ़ाएगी। इससे राजधानी में मेट्रो के विस्तार से सड़कों पर वाहनों का दबाव घटेगा, हवा होगी साफ। 

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नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट की बैठक में मेट्रो फेज-5(ए) को मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले से राजधानी का मेट्रो नेटवर्क बढ़ेगा, सफर सुगम होगा और सड़कों पर भीड़भाड़ कम होगी। साथ ही आबोहवा भी साफ होगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत कुल 16 किलोमीटर की लंबाई वाले तीन नए कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिनमें 13 मेट्रो स्टेशन शामिल होंगे। इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत 12,014.91 करोड़ रुपये है, जिसमें दिल्ली सरकार का बजटीय हिस्सा 2,940.46 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। इस परियोजना को वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 

मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया है और कहा है कि यह परियोजना परिवहन व्यवस्था से जुड़े प्रधानमंत्री के उस ‘7-सी विजन’को धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम है, जिसका अर्थ है- साझा (Common), सुलभ (Connected), सुविधाजनक (Convenient), जाम-मुक्त (Congestion-free), ऊर्जावान (Charged), स्वच्छ (Clean) और अत्याधुनिक (Cutting-edge) परिवहन। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करना अनिवार्य है और यह विस्तार इसी दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप राजधानी को विश्वस्तरीय और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, उनके ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने के लिए परिवहन प्रणाली को एकीकृत और जन-केंद्रित बनाने के लिए केंद्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस निर्णय को दिल्ली के भविष्य के लिए निवेश बताते हुए कहा कि इन नए कॉरिडोर के बनने से न केवल यातायात पर दबाव कम होगा, बल्कि प्रदूषण पर नियंत्रण पाने में भी मदद मिलेगी। स्वीकृत किए गए तीन कॉरिडोर में आरके आश्रम से इंद्रप्रस्थ (सेंट्रल विस्टा के रास्ते), तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज और एरोसिटी से इंदिरा गांधी डोमेस्टिक टर्मिनल-1 (आईजीडी टी-1) शामिल हैं। बनाए जाने वाले कुल 13 स्टेशनों में 10 स्टेशन अंडरग्राउंड और 3 स्टेशन एलिवेटेड होंगे। यह विस्तार मौजूदा मेट्रो नेटवर्क के साथ निर्बाध इंटरचेंज की सुविधा प्रदान करेगा और हवाई अड्डे, वाणिज्यिक केंद्रों व आवासीय क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएगा। सरकार का लक्ष्य निजी वाहनों पर निर्भरता कम कर नागरिकों को स्वच्छ, कुशल और एकीकृत परिवहन प्रणाली उपलब्ध कराना है।

आर. के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर

फेज-5(ए) का सबसे महत्वपूर्ण कॉरिडोर आर. के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक प्रस्तावित है, जिसकी कुल लंबाई 9.913 किलोमीटर है। इस लाइन पर 9 स्टेशन प्रस्तावित हैं। यह कॉरिडोर सेंट्रल विस्टा क्षेत्र से होकर गुजरेगा और दिल्ली के प्रशासनिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक क्षेत्रों को सीधे मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा। सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर सभी कर्तव्य भवनों को आपस में जोड़ने का भी काम करेगा। इससे इस इलाके में काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों और आने वाले लोगों को सीधे अपने कार्यालय तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इस सुविधा से प्रतिदिन लगभग 60 हजार कर्मचारी और करीब 2 लाख यात्रियों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा, यह कॉरिडोर प्रदूषण और पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधनों के इस्तेमाल को कम करने में मदद करेगा, जिससे लोगों का जीवन और भी सहज व सुविधाजनक बनेगा। इस कॉरिडोर से आर. के. आश्रम मार्ग (निर्माणाधीन), शिवाजी स्टेडियम, सेंट्रल सेक्रेटेरियट, सीसीएस बिल्डिंग्स, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल-हाईकोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ जैसे प्रमुख और अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान मेट्रो से सीधे जुड़ेंगे। यह कॉरिडोर न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि राष्ट्रीय आयोजनों, प्रशासनिक गतिविधियों और पर्यटन स्थलों तक पहुंच को भी आसान बनाएगा। इस कॉरिडोर पर कुल 9,570.40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें से 2,337.24 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार खर्च करेगी।

एयरोसिटी से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 कॉरिडोर

फेज-5 (ए) का दूसरा महत्वपूर्ण कॉरिडोर एयरोसिटी से इंदिरा गांधी घरेलू हवाई अड्डा टर्मिनल-1 (आईजीडी टी-1) तक प्रस्तावित है। इस कॉरिडोर की लंबाई 2.26 किलोमीटर है और इस पर एक स्टेशन प्रस्तावित है। यह कॉरिडोर हवाई यात्रियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा और एयरपोर्ट तक मेट्रो की सीधी, तेज और निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करेगा। इससे निजी वाहनों और टैक्सियों पर निर्भरता कम होगी और एयरपोर्ट क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव घटेगा। इस परियोजना की लागत 1,419.64 करोड़ रुपये होगी, जिसमें 351.86 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार देगी।

तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज कॉरिडोर

फेज-5(ए) का तीसरा कॉरिडोर तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक प्रस्तावित है। इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 3.9 किलोमीटर है और इस पर 3 स्टेशन प्रस्तावित हैं। यह कॉरिडोर दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के क्षेत्रों को बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी प्रदान करेगा और स्थानीय यात्रियों के लिए आवागमन को अधिक सहज बनाएगा। इस कॉरिडोर की लागत 1,024.87 करोड़ रुपये होगी, जिसमें 251.36 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार वहन करेगी।

मेट्रो का विस्तार समग्र विकास का आधार

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली मेट्रो का विस्तार राजधानी के समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार है। वर्तमान नेटवर्क और फेज-5(ए) के तहत प्रस्तावित नए कॉरिडोर दिल्ली और एनसीआर के परिवहन तंत्र को और अधिक सक्षम, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रो के विस्तार से यात्रियों को सुगम और समयबद्ध यात्रा सुविधा मिलेगी, सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा और वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। दिल्ली सरकार राजधानी को विश्वस्तरीय शहर बनाने के लक्ष्य के साथ सार्वजनिक परिवहन को लगातार सशक्त कर रही है और मेट्रो नेटवर्क का यह विस्तार इसी दिशा में ठोस कदम है।

Sanjay Rai

sanjayrai.dj@gmail.com

संजय राय ने बीते 25 साल के प्रोफेशनल कैरियर में स्वास्थ्य, अपराध, शिक्षा, विकास समेत सभी बीट की कवरेज की है। दिल्ली सरकार, विधानसभा की कार्यवाही, भाजपा, कांग्रेस, आप सरीखे राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक व आंदोलनात्मक गतिविधियों को भी कवर किया है। कई सत्रों में संसद की कार्यवाही पर भी कलम चलाई है। फिलवक्त NewG India में बतौर सीनियर स्पेशल काॅरेस्पोंडेंट अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

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