नई दिल्ली : तिलक नगर क्षेत्र के गणेश नगर एवं महावीर नगर में रविवार को आयोजित ‘विशाल हिंदू सम्मेलन’ ने समाज को एकता और सांस्कृतिक चेतना की नई ऊर्जा से भर दिया। सनातन धर्म मंदिर (गणेश नगर) के प्रांगण में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में जगद्गुरु स्वामी महायोगी जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही। महाराज जी ने अपने आशीर्वचनों में उपस्थित जनसमूह को सनातन मूल्यों से जुड़ने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ :
- अध्यात्म और संस्कार: जगद्गुरु स्वामी महायोगी जी ने सनातन धर्म की रक्षा और संस्कारों के महत्व पर बल दिया।
- आत्मरक्षा का कौशल: समाजसेवी कर्मवीर त्यागी की टीम ने ताइक्वांडो और हरीश पुरोहित व स्वयंसेवकों ने ‘नियुद्ध’ (मार्शल आर्ट्स) का प्रदर्शन कर युवाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक किया।
- पंच परिवर्तन: राकेश सब्बरवाल ने समाज सुधार हेतु ‘पंच परिवर्तन’ का मंत्र दिया, जिसे स्थानीय छात्रों ने एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किया।
- भक्तिमय वातावरण: महिला भजन मंडल द्वारा प्रस्तुत राम भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया।
विस्तृत विवरण: कौशल, कला और सम्मान का संगम
शास्त्र और शस्त्र का समन्वय कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त प्राध्यापिका और अर्थशास्त्री डॉ. हरीश ने की। मुख्य वक्ता महेंद्र दीवानजी ने समाज के संगठित होने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वंदेमातरम् के साथ शुरू हुए इस सम्मेलन में एक ओर जहाँ हनुमान चालीसा का सामूहिक पठन हुआ, वहीं दूसरी ओर नियुद्ध कला की तकनीकों के प्रदर्शन ने लोगों में सुरक्षा और साहस का भाव भरा।

विजेताओं का सम्मान 1 फरवरी को आयोजित चित्रकला और हनुमान चालीसा स्पर्धा के विजेताओं को डॉ. हरीश, समिति अध्यक्ष पंकज गुप्ता और सचिव सुमीत अलघ ने पुरस्कृत किया। सचिव सुमीत अलघ ने सम्मेलन की प्रस्तावना रखते हुए समाज में संस्कार, सुरक्षा और संगठन के महत्व को रेखांकित किया।
प्रदर्शनी और सामाजिक सहभागिता
दिलीप जी की टीम द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी ने आगंतुकों को भारतीय इतिहास और संस्कृति से रूबरू कराया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नगर संघचालक अमर सिंह, स्थानीय पार्षद हरीश ओबेरॉय और विश्व हिंदू परिषद के प्रांत उपाध्यक्ष सेठ राम निवास गुप्ता की विशेष उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई।



