नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर सोमवार को लोकसभा में चर्चा शुरू हुई। चर्चा के लिए कुल 18 घंटे निर्धारित है। सदन में धन्यवाद प्रस्ताव रखते हुए केन्द्रीय मंत्री और भाजपा सांसद सर्बानंद सोनोवाल ने राष्ट्रपति मुर्मु के अभिभाषण को उल्लेखनीय बताया। उन्होंने कहा कि अभिभाषण में देश के भविष्य के लिए प्रेरणादायक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है। यह सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और विकसित भारत बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का मंत्र केवल एक नारा नहीं, बल्कि सरकार के लिए मार्गदर्शक सिद्धान्त है।
भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है
सोनोवाल ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान देश को नीतिगत गतिरोध, भ्रष्टाचार से ग्रस्त सरकार और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि 2014 में नरेन्द्र मोदी सरकार आने के बाद भारत ने तीव्र विकास और चौतरफा प्रगति की राह पकड़ी है। आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।
25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया
देश पूरे आत्मविश्वास के साथ विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। महामारी, संघर्ष और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान जैसे वैश्विक संकटों के बावजूद भारत अभी भी सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। सोनोवाल ने बताया कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में सीधे 44 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। सरकार के प्रयासों और कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है।
विपक्ष ने सीमा, सेना और चीन के मुद्दे पर सीधे मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण पर जहां सरकार उपलब्धियों का ब्योरा दे रही थी। वहीं विपक्ष ने सीमा, सेना और चीन के मुद्दे पर सीधे मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सदन में पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम एम नरवणे की अप्रकाशित किताब के कुछ अंश का हवाला देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर निशाना साधने का प्रयास किया। इस पर सत्तापक्ष ने भारी विरोध जताया, जिसके कारण जमकर हंगामा हुआ।दरअसल में राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए अपने भाषण की शुरुआत में ही बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए पलटवार करने का प्रयास किया।
लोकसभ अध्यक्ष बिरला ने राहुल गांधी को सदन की मर्यादा याद दिलाई
राहुल गांधी के बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी भड़क उठे। ओम बिरला ने राहुल गांधी को सदन की मर्यादा याद दिलाई, लेकिन इसी बीच सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच हंगामा खड़ा हो गया। करीब 44 मिनट तक लोकसभा में राहुल गांधी और स्पीकर के बीच टीका-टिप्पणी का दौर चलता रहा लेकिन भारी हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। तीन बजे लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो राहुल गांधी फिर से चीन के मुद्दे पर बोलना शुरू किया। लोस अध्यक्ष के बार-बार आग्रह के बावजूद राहुल गांधी वहीं दोहरा रहे थे। फिर लोकसभा की कार्यवाही शाम चार बजे तक स्थगित कर दी गई। शाम चार बजे जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो राहुल गांधी ने कहा कि चीन के मुद्दे पर ही बोलेंगे। लोकसभा में हंगामे को देखते हुए सदन की कार्यवाही मंगलवार 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।
इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ने चीन के मामले में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर हमला तेज कर दिया है। भगवा पार्टी ने कांग्रेस सांसद पर लोकसभा में चीन के बारे में मनगढ़ंत बातें पढ़ने का आरोप लगाया। साथ ही चेतावनी दी कि ऐसा व्यवहार एक खतरनाक मिसाल कायम करता है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी बिना वेरिफाई किए गए दावों का हवाला देकर संसद की गरिमा को कम कर रहे हैं। उन्हें इसके बजाय स्थापित ऐतिहासिक बातों पर भरोसा करना चाहिए।
भाजपा सांसद ने कहा, राहुल गांधी चीन के बारे में मनगढ़ंत बातें पढ़ रहे हैं
भारत-चीन इतिहास पर राहुल गांधी की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने संसद में कहा, “राहुल गांधी चीन के बारे में मनगढ़ंत बातें पढ़ रहे हैं। लेकिन नेहरू ने चीन में क्या किया। इसके बारे में पब्लिक डोमेन में बहुत कुछ है। उन्होंने सिर्फ अपनी स्टेट्समैनशिप को आगे बढ़ाने के लिए हजारों एकड़ जमीन सरेंडर कर दी थी।
निशिकांत दुबे ने कहा, “हम जो संसद के अंदर बोलते हैं वो संविधान के आर्टिकल 105 के अनुसार हमें बोलने की आजादी है। उसी 105 में लिखा है कि कई चीजें ऐसी हैं जिसे स्पीकर को नियम बनाना है। आर्टिकल 19 को सबसे पहले ध्यान में रखना है। आर्टिकल 19 का प्वाइंट 3 और 4 कहता है कि जहां दूसरे देशों के साथ संबंध खराब होने की बात हो, पड़ोसी देशों की बात हो, राष्ट्रीय सुरक्षा की बात हो उन चीजों में बात करने में परहेज करना चाहिए नहीं बात करनी चाहिए।”
दुबे ने रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए आगे कहा, “ये 140 करोड़ लोगों और सांसदों पर भी लागू होता है। आपको पता ही नहीं कौन सी किताब है। सदन के कुछ नियम हैं। सदन में आप किसी किताब या अखबार को कोट नहीं कर सकते। राहुल गांधी जी को ना संविधान, ना स्पीकर की रूलिंग, ना आर्टिकल 349, ना 352 B, ना 353 पर भरोसा है। किसी चीज पर भरोसा ही नहीं है।
संसदीय मंत्री ने भी बोला हमला
वहीं, केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “हमारी पार्टी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव शुरू किया। हम सभी विपक्ष के नेता राहुल गांधी का भाषण सुनने के लिए बैठे थे। लेकिन शुरू से ही राहुल गांधी ने नियमों का उल्लंघन किया और एक ऐसी किताब से कोट करना शुरू कर दिया, जिसके पब्लिकेशन और ऑथेंटिसिटी के बारे में साफ तौर पर कुछ नहीं बताया गया है। रक्षा मंत्री और हम सभी ने कहा कि सदन नियमों के अनुसार चलेगा और सभी को नियमों के अनुसार ही बोलना चाहिए। कोई भी चेयर को चुनौती नहीं दे सकता।”
बीजेपी नेता ने आगे कहा, “लोकसभा स्पीकर के फैसले के बाद भी राहुल गांधी वही गलती दोहराते रहे। उन्होंने आधा घंटा बर्बाद किया, नियमों का उल्लंघन किया और वही बातें दोहराते रहे। उन्होंने चीन सीमा के बारे में बोलना शुरू कर दिया। क्या कांग्रेस पार्टी वह जमीन वापस ला सकती है जो 1959 और 1962 में चीन ने कब्जा कर ली थी? राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए। अगर कोई जाने-माने परिवार में पैदा होता है, तो क्या वे संसद से ऊपर है? क्या वे नियमों से ऊपर हैं?”
उन्होंने यह भी कहा, “भारत एक लोकतांत्रिक देश है और नियमों के अनुसार चलता है। राहुल गांधी किसी नियम का पालन नहीं करते। वे खुद को संसद से ऊपर समझते हैं। कांग्रेस के सीनियर नेता खड़े हो गए और तालियां बजाने लगे। राहुल गांधी को अपने दिमाग का इस्तेमाल करना चाहिए और अपने सांसदों को नियमों का पालन करने के लिए समझाना चाहिए। यह मेरी उनसे गुजारिश है। उन्हें चीन सीमा के संबंध में कांग्रेस के पाप के लिए माफी मांगनी चाहिए।”



