नई दिल्ली: भारत में निपाह वायरस के दो मामले सामने आने के बाद वैश्विक स्तर पर मची हलचल के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने राहत भरी खबर दी है। शुक्रवार को जारी एक अपडेट में संगठन ने कहा कि भारत में निपाह वायरस का जोखिम ‘कम’ है और फिलहाल किसी भी देश को भारत के साथ यात्रा या व्यापार पर प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता नहीं है।
यह बयान उन खबरों के बाद आया है जिनमें कहा गया था कि कई एशियाई देशों ने भारत से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग और जांच सख्त कर दी है।
पश्चिम बंगाल में मिले 2 मामले
WHO के अनुसार, ये दोनों मामले पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में दर्ज किए गए हैं। राहत की बात यह है कि संक्रमण इसी जिले तक सीमित है और मरीजों में लक्षण दिखने के दौरान उन्होंने कहीं यात्रा नहीं की थी।
WHO ने अपनी वेबसाइट पर स्पष्ट किया:
“इंसानों से इंसानों में संक्रमण बढ़ने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर जोखिम कम बना हुआ है। संक्रमण के अन्य राज्यों या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलने की संभावना बहुत कम है।”
क्या है निपाह वायरस और इसके लक्षण?
निपाह एक ज़ूनोटिक (Zoonotic) बीमारी है, जो मुख्य रूप से चमगादड़ से इंसानों में फैलती है। यह दूषित भोजन या संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से भी फैल सकता है।
- लक्षण: शुरुआत में बुखार, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द होता है। गंभीर मामलों में मस्तिष्क में सूजन (एन्सेफलाइटिस) और सांस लेने में गंभीर समस्या हो सकती है।
- जोखिम: इसमें मृत्यु दर काफी अधिक (40% से 75% के बीच) मानी जाती है।
- इलाज: वर्तमान में निपाह के लिए कोई स्वीकृत टीका (Vaccine) या विशिष्ट उपचार उपलब्ध नहीं है, हालांकि कई दवाओं का परीक्षण चल रहा है।
एशियाई देशों में अलर्ट
थाईलैंड और अन्य पड़ोसी देशों के हवाई अड्डों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य अधिकारी मास्क पहनकर आने वाले यात्रियों की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, WHO ने स्पष्ट कर दिया है कि वह वर्तमान जानकारी के आधार पर किसी भी प्रकार के ‘ट्रैवल बैन’ की सलाह नहीं देता है।



