महाराष्ट्र के कद्दावर नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार को आज उनके गृह नगर बारामती में अंतिम विदाई दी गई। विद्या प्रतिष्ठान के विशाल मैदान में हजारों समर्थकों, परिवार के सदस्यों और देश के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ। उनके पुत्रों, पार्थ और जय पवार ने मुखाग्नि दी।
भावुक क्षण: परिवार का अंतिम प्रणाम
हादसे के बाद से गहरे सदमे में डूबा पवार परिवार गुरुवार सुबह विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड पहुँचा।
- सुनेत्रा पवार: राज्यसभा सांसद और अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार अपने पति के पार्थिव शरीर के पास खामोश खड़ी रहीं। उन्होंने अश्रुपूर्ण नेत्रों से पुष्प अर्पित किए और अंतिम रस्मों के दौरान पार्थिव शरीर को जल अर्पित किया।
- पार्थ और जय: पिता को खोने के गम में डूबे दोनों बेटों ने पुरोहितों के मंत्रोच्चार के बीच अंतिम संस्कार की सभी रस्में पूरी कीं। अंतिम विदाई के समय जय पवार को तिरंगा सौंपा गया, जिसे उन्होंने नम आंखों से स्वीकार किया।
बारामती की सड़कों पर उमड़ा ‘दादा’ का चाहने वाला
सुबह 9 बजे जब अजित पवार की अंतिम यात्रा शुरू हुई, तो पूरा शहर थम सा गया। फूलों से सजे ट्रक पर रखे उनके पार्थिव शरीर के दर्शन के लिए लोग घरों की छतों और पेड़ों पर चढ़े नजर आए।
“एकच वादा, अजित दादा… दादा अमर रहे!” इन नारों से पूरा बारामती गूंज उठा। समर्थकों ने अपने प्रिय नेता पर फूलों की बारिश की, जो अपने विकास कार्यों और अनुशासन के लिए जाने जाते थे।
दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
अंतिम संस्कार में दलीय राजनीति से ऊपर उठकर तमाम बड़े नेता शामिल हुए:
- केंद्र से: गृह मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी और प्रफुल्ल पटेल ने पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया।
- राज्य से: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शरद पवार सहित महायुति और महाविकास अघाड़ी के कई मंत्री मौजूद रहे।
- विशेष उपस्थिति: राकांपा की सुप्रिया सुले पूरे समय सुनेत्रा पवार और परिवार का ढांढस बंधाती नजर आईं। अभिनेता रितेश देशमुख भी अंतिम विदाई देने बारामती पहुंचे।
जांच और सुरक्षा
एक तरफ जहाँ शहर अपने नेता को विदा कर रहा था, वहीं दूसरी ओर DGCA और NDRF की टीमें दुर्घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाने में व्यस्त थीं। पुणे ग्रामीण पुलिस ने Accidental Death Report (ADR) दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया है।
हादसे में जान गंवाने वाले अन्य लोगों (पायलटों, क्रू मेंबर और पीएसओ) का भी आज उनके पैतृक स्थानों पर अंतिम संस्कार किया गया। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में तीन दिवसीय राजकीय शोक घोषित किया है।



