नई दिल्ली: जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने देशभर से आए जल/वॉश वॉरियर्स, सामुदायिक प्रतिनिधियों और स्कूली छात्रों से सीधे संवाद किया। पीएसओआई में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य जल संरक्षण, स्वच्छता और नदी पुनर्जीवन से जुड़े जमीनी प्रयासों को एक मंच पर लाना था।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने गंगा और अन्य नदियों की स्वच्छता, प्लास्टिक उपयोग में कमी, जैव विविधता संरक्षण और जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे अपने प्रयास साझा किए। वॉश वॉरियर्स ने गांवों और स्कूलों में जागरूकता अभियान, सफाई कार्यक्रम, पौधारोपण और सामुदायिक भागीदारी से जुड़े अनुभव बताए। वहीं छात्रों ने जल बचाने, स्वच्छता अभियान चलाने और अपने परिवार व समाज को जागरूक करने में अपनी भूमिका को रेखांकित किया।
मंत्री ने इस अवसर पर 25 जलज आजीविका केंद्रों का उद्घाटन भी किया। नमामि गंगे मिशन और वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की संयुक्त पहल के तहत स्थापित ये केंद्र नदी संरक्षण को स्थायी आजीविका से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम हैं, जिनमें महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है।

इसके साथ ही ‘यूथ फॉर गंगा–यूथ फॉर यमुना’ परियोजना की शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य युवाओं और स्कूली छात्रों को नदी संरक्षण से भावनात्मक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय रूप से जोड़ना है। यह अभियान दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों तक विस्तार करेगा।
सी.आर. पाटिल का सम्बोधन
सभा को संबोधित करते हुए सी.आर. पाटिल ने जल प्रहरियों, छात्रों और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि जनभागीदारी ही जल संरक्षण और स्वच्छता जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों को हासिल करने की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने एनएमसीजी के प्रयासों की भी प्रशंसा की और कहा कि निरंतर और केंद्रित प्रयासों से गंगा की स्वच्छता और पारिस्थितिकी में सुधार हुआ है।
यह कार्यक्रम जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन को जन आंदोलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश देकर संपन्न हुआ।



