नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस जनता की शक्ति, हमारे संविधान की मजबूती और भारत की लोकतांत्रिक आत्मा के अटूट संकल्प का उत्सव है। इस ऐतिहासिक विधानसभा को जनता के लिए खोलकर हम नागरिकों को हमारे गणतंत्र की जीवंत विरासत से और निकट ला रहे हैं, यह बात दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली विधान सभा परिसर में आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान कही।
115 वर्ष पुराने को देखकर सभी ने उत्सव के वातावरण का आनंद लिया

77वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में दिल्ली विधान सभा ने अपने ऐतिहासिक परिसर को आम जनता के लिए खोल दिया। विभिन्न वर्गों से आए नागरिकों, परिवारों, छात्रों और आगंतुकों ने बड़ी संख्या में आकर विधान सभा परिसर में गणतंत्र दिवस समारोह का आनंद लिया। 115 वर्ष पुराने इस भव्य भवन की गरिमा और विरासत को देखकर सभी ने उत्सव के वातावरण का आनंद लिया।
दिल्ली पुलिस बैंड ने देशभक्ति से ओतप्रोत मधुर धुनें पेश

इन दो दिनों में दिल्ली पुलिस बैंड ने देशभक्ति से ओतप्रोत मधुर धुनें प्रस्तुत कीं, जिससे उपस्थित नागरिकों में गर्व और उत्साह का संचार हुआ। साहित्य कला परिषद द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह में और भी ऊर्जा और रंग भर दिए, जिन्हें दर्शकों ने गर्मजोशी से सराहा। तिरंगे की रोशनी से सजा विशेष रूप से आलोकित विधान सभा भवन अत्यंत मनोहारी और प्रेरणादायी पृष्ठभूमि बना, जिससे पूरे परिसर में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना व्याप्त हो गई।
अपने संबोधन में अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि गणतंत्र दिवस भारत के संविधान को अपनाने और लोकतांत्रिक मूल्यों की विजय का पावन स्मरण है। उन्होंने संविधान निर्माताओं और उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनके बलिदानों से एक संप्रभु, समाजवादी और लोकतांत्रिक गणराज्य का निर्माण संभव हो सका। उन्होंने कहा कि विधानसभा में इस प्रकार के सार्वजनिक समारोह नागरिकों, विशेषकर युवाओं को भारत के संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गहरी समझ विकसित करने में सहायक होते हैं।
यह भवन भारत के स्वतंत्रता संग्राम के कई निर्णायक क्षणों का साक्षी रहा

गुप्ता ने दिल्ली विधान सभा के ऐतिहासिक महत्व को भी रेखांकित किया और कहा कि यह भवन भारत के स्वतंत्रता संग्राम और लोकतांत्रिक विकास के कई निर्णायक क्षणों का साक्षी रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अवसरों पर विधानसभा को नागरिकों के लिए खोलना उन्हें इतिहास के गलियारों से गुजरने और संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्शों से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है। इससे पूर्व, 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रातः माननीय अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने अपने सरकारी आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा संविधान और राष्ट्र के संस्थापक महानुभावों के सम्मान में उन्हें याद किया।



