नई दिल्ली। नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 के अवसर पर साहित्य प्रेमियों के लिए आज का दिन विशेष रहा। उपन्यास मूल्यांकन माला के अंतर्गत प्रकाशित नई पुस्तक ‘तमस : स्वरूप और सरोकार’ का आज विधिवत लोकार्पण संपन्न हुआ।
यह गरिमामयी कार्यक्रम प्रगति मैदान के हॉल संख्या 2 में स्थित ‘नई किताब प्रकाशन समूह’ के स्टॉल (क्यू-07) पर आयोजित किया गया ।
विद्वानों की उपस्थिति में विमर्श
लोकार्पण समारोह में पुस्तक की लेखिका डॉ. नीलम सिंह के साथ हिंदी साहित्य के कई प्रतिष्ठित हस्ताक्षर मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रो. नामदेव, प्रो. पल्लव, डॉ. प्रज्ञा और प्रख्यात कवि-आलोचक डॉ. संतोष पटेल ने अपनी उपस्थिति से आयोजन की शोभा बढ़ाई।
‘तमस’ के वैचारिक पक्ष पर मंथन
लोकार्पण के उपरांत आयोजित चर्चा में वक्ताओं ने भीष्म साहनी के कालजयी उपन्यास ‘तमस’ पर आधारित इस पुस्तक के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला:
वक्ताओं ने कहा कि यह पुस्तक ‘तमस’ के साहित्यिक, सामाजिक और वैचारिक पक्षों का गहन विश्लेषण करती है। डॉ. संतोष पटेल और अन्य विद्वानों ने उपन्यास के समकालीन समाज में प्रासंगिकता और उसके आलोचनात्मक महत्त्व पर विचार साझा किए। आलोचना जगत में इस पुस्तक को हिंदी उपन्यास परंपरा की बारीकियों को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया गया।
पाठकों का मिला उत्साहजनक समर्थन
कार्यक्रम के दौरान भारी संख्या में साहित्य प्रेमी और पाठक उपस्थित रहे। लोकार्पण के तुरंत बाद पाठकों के बीच पुस्तक को लेकर काफी उत्सुकता देखी गई और सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई।
नई किताब प्रकाशन समूह ने इस आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे लेखिका और पाठकों के बीच एक सार्थक संवाद बताया।



