नई दिल्ली, 11 जनवरी। लोकप्रिय गायक एवं अभिनेता प्रशांत तमांग का रविवार को नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वे 43 वर्ष के थे। बताया जा रहा है कि उन्हें मस्तिष्काघात हुआ, जिसके बाद उनका निधन हो गया। उनके असामयिक निधन से संगीत और कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्रशांत तमांग को वर्ष 2007 में टेलीविजन गायन प्रतियोगिता इंडियन आइडल के तीसरे सत्र में विजेता बनने के बाद देशभर में पहचान मिली थी। उनकी जीत को गोरखा समाज के लिए गर्व का क्षण माना जाता है।
दार्जिलिंग से सांसद और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजू बिष्टा ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशांत तमांग की मृत्यु से गोरखा समाज ही नहीं, बल्कि संपूर्ण कला और संगीत जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि इंडियन आइडल में उनकी सफलता ने नेपाली संगीत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई और दार्जिलिंग पहाड़ियों, तराई, डुआर्स, सिक्किम तथा पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लोगों को एक सूत्र में बांध दिया।
राजू बिष्टा ने यह भी स्मरण किया कि प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले प्रशांत तमांग पश्चिम बंगाल पुलिस ऑर्केस्ट्रा में सेवाएं दे रहे थे।
इंडियन आइडल में जीत के बाद प्रशांत तमांग ने अपना पहला संगीत एलबम धन्यवाद जारी किया और देश-विदेश में कई मंचों पर प्रस्तुतियां दीं। बाद में उन्होंने फिल्मों में भी कदम रखा और वर्ष 2010 में नेपाली फिल्म गोरखा पल्टन से अभिनय की शुरुआत की। इसके अलावा उन्होंने आंगलो यो माया को, किना माया मा, निशानी और परदेसी जैसी फिल्मों में भी काम किया।
उनके निधन से संगीत प्रेमियों और प्रशंसकों में गहरा दुख व्याप्त है।



