नई दिल्ली: फिल्मी दुनिया में कई ऐसी अभिनेत्रियां आईं जिन्होंने अपनी खूबसूरती और अदाकारी से करोड़ों दिलों पर राज किया, लेकिन असल जिंदगी की जंग में वे और भी बड़ी हीरो बनकर उभरीं, उन्होंने कैंसर जैसी बीमारी को भी मात दी है। आज हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड की ‘ग्लैमरस दीवा’ और करोड़ों लोगों की प्रेरणा सोनाली बेंद्रे की।
करियर की शानदार शुरुआत:

सोनाली बेंद्रे ने महज 19 साल की उम्र में 1994 की फिल्म ‘आग’ (Aag) से बॉलीवुड में कदम रखा था। अपनी पहली ही फिल्म के लिए उन्होंने ‘फिल्मफेयर बेस्ट न्यू फेस’ का अवॉर्ड जीता। इसके बाद उन्होंने ‘दिलजले’, ‘सरफरोश’ और ‘हम साथ-साथ हैं’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देकर अपनी जगह पक्की कर ली।
तेलुगु सिनेमा में दीवानगी:
बॉलीवुड के साथ-साथ सोनाली ने दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी जबरदस्त सफलता हासिल की। महेश बाबू के साथ उनकी फिल्म ‘मुरारी’ (Murari) ने उन्हें तेलुगु दर्शकों का पसंदीदा बना दिया। वह उस दौर की उन गिनी-चुनी अभिनेत्रियों में से थीं जिन्होंने उत्तर और दक्षिण, दोनों ही सिनेमा जगत में बराबरी का मुकाम हासिल किया।

कैंसर से असली जंग:
सोनाली की जिंदगी में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उन्हें मेटास्टैटिक कैंसर का पता चला। लेकिन सोनाली ने हार मानने के बजाय पूरी बहादुरी से इस बीमारी का मुकाबला किया। न्यूयॉर्क में लंबे इलाज के दौरान उन्होंने अपनी हर चुनौती को सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसने दुनिया भर के कैंसर मरीजों को नई उम्मीद दी।

आज की प्रेरणा:
कैंसर को मात देने के बाद सोनाली एक बार फिर काम पर लौट चुकी हैं। वह न केवल फिल्मों और शो में सक्रिय हैं, बल्कि एक लेखक और ‘मेटास्टैटिक कैंसर अवेयरनेस’ की ब्रांड एंबेसडर के रूप में लोगों को जागरूक भी कर रही हैं।



