नई दिल्ली: नए वर्ष 2026 के प्रथम दिन सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने अपनी संस्थागत पहचान को आधुनिक रूप देते हुए नए लोगो और शुभंकर (मैस्कॉट) का अनावरण किया है। मंत्रालय का यह कदम आधिकारिक आंकड़ों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और राष्ट्र निर्माण में डेटा की महत्ता को रेखांकित करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
लोगो में झलकता है ‘विकास के लिए डेटा’
मंत्रालय का नया लोगो भारत की समृद्ध विरासत और आधुनिक सांख्यिकी विज्ञान का अनूठा संगम है। यह लोगो “विकास के लिए डेटा” के संदेश को पूरी प्रखरता से प्रस्तुत करता है।
- अशोक चक्र: सुशासन, सत्य और पारदर्शिता का प्रतीक है।
- रुपये का चिह्न: आर्थिक नियोजन और नीति निर्माण में आंकड़ों की केंद्रीय भूमिका को दर्शाता है।
- विकास रेखा: ऊपर की ओर बढ़ती रेखा यह संकेत देती है कि सटीक डेटा सतत आर्थिक प्रगति का आधार है।
- रंगों का अर्थ: केसरिया, सफेद, हरा और गहरा नीला रंग राष्ट्रीय मूल्यों जैसे विकास, स्थिरता और ज्ञान का प्रतिनिधित्व करते हैं।
शुभंकर ‘सांख्यिकी’ बनेगा जनता का साथी
मंत्रालय ने अपना नया शुभंकर “सांख्यिकी” भी पेश किया है। यह एक मैत्रीपूर्ण और बुद्धिमान चरित्र है, जिसे जटिल सांख्यिकीय अवधारणाओं को आम जनता के लिए सरल और आकर्षक बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
- उपयोग: इस शुभंकर का उपयोग राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (NSO), शैक्षिक सामग्री, डिजिटल प्लेटफॉर्म और जन-जागरूकता अभियानों में किया जाएगा।
- उद्देश्य: इसका मुख्य लक्ष्य एनएसओ सर्वेक्षणों में जनता की भागीदारी बढ़ाना और आधिकारिक आंकड़ों के प्रति विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करना है।
आधुनिकता और विश्वसनीयता का मेल
मंत्रालय के अनुसार, यह नई पहचान डेटा-आधारित शासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। “सांख्यिकी” शुभंकर के माध्यम से अब आंकड़ों को नीरस सूचनाओं के बजाय एक सरल और दृश्य रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे समाज के हर वर्ग के लिए इसे समझना आसान होगा।



