लखनऊ: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला डॉक्टर का ‘नकाब’ हटाने के मामले में अब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने भी मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को मायावती ने इस घटना को “दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को इस पर खेद प्रकट करना चाहिए ताकि बढ़ते विवाद को खत्म किया जा सके।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक लंबी पोस्ट साझा करते हुए कहा कि महिला सुरक्षा और सम्मान से जुड़े इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री को सीधे हस्तक्षेप करना चाहिए था। उन्होंने नसीहत दी कि मंत्रियों के बयानों से मामला सुलझने के बजाय और बिगड़ गया है, इसलिए नीतीश कुमार को खुद आगे आकर इस कड़वाहट को दूर करना चाहिए।
बहराइच पुलिस परेड पर उठाए सवाल
उत्तर प्रदेश के संदर्भ में मायावती ने बहराइच पुलिस परेड के दौरान एक धर्मगुरु को सलामी दिए जाने की घटना पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि पुलिस परेड और सलामी की अपनी मर्यादा और अनुशासन होता है, जिससे खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने डीजीपी द्वारा स्पष्टीकरण मांगे जाने को सही कदम बताया, लेकिन साथ ही सख्त कार्रवाई की मांग भी की।
संसद और विधानसभा सत्र पर हमला
बसपा प्रमुख ने संसद और उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्रों के छोटा होने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा:
- यूपी विधानसभा: सत्र जनहित के मुद्दों (जैसे खाद की कमी) पर चर्चा करने के बजाय केवल सत्तापक्ष और विपक्ष की तू-तू-मैं-मैं तक सीमित रहा।
- संसद: दिल्ली के प्रदूषण और अन्य राष्ट्रीय समस्याओं पर कोई सार्थक चर्चा नहीं हुई, जो देश के लिए निराशाजनक है।
पड़ोसी देशों के हालात पर चिंता
मायावती ने बांग्लादेश में जारी हिंसा और नेपाल की तरह वहां भी बढ़ती ‘भारत विरोधी’ गतिविधियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि वे इन पड़ोसी देशों के बदलते हालात को गंभीरता से लें और इसके समाधान के लिए एक दीर्घकालिक नीति तैयार करें।



