पटना। बिहार के उप मुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिहार में बालू, पत्थर, मिट्टी समेत अन्य खनिजों का अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि पटना के जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक के साथ हुई खनन मामले की समीक्षा बैठक में फैसला लिया गया है कि अवैध खनन को रोकने के लिए गठित पुलिस बल की संख्या को बढ़ाने के लिए गृह विभाग से अनुरोध किया जाएगा। ताकि राज्य में अवैध खनन की गतिविधियों को रोका जा सके।
सख्त कार्रवाई के निर्देश
उन्होंने खान एवं भूतत्व विभाग के अपने ही अधिकारियों को आगाह किया कि अवैध खनन और परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई करने में कोताही बरतने वाले अधिकारियों और संबंधित थानाध्यक्षों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्देश संबंधित जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को दे दिया गया है। उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने मंगलवार को अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित संवाददाता सम्मलेन में कहा कि कुशल प्रबंधन एवं नियमित अनुश्रवण के फलस्वरूप खान एवं भूतत्व विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में वित्त विभाग निर्धारित लक्ष्य 3500 करोड़ रूपये के विरुद्ध कुल 3569.47 करोड़ रूपये यानी कुल 101 प्रतिशत का राजस्व प्राप्त किया गया है।
इतने करोड़ का संग्रहण
उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में भी 3850 रुपये के वार्षिक लक्ष्य के विरुद्ध नवंबर, 2025 तक 1530.30 करोड़ रुपये का संग्रहण किया गया है, जो नवंबर तक निर्धारित लक्ष्य 1155 करोड़ रुपये से बहुत अधिक है। इस संवाददाता सम्मलेन में खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव सह खान आयुक्त देवेश सेहरा और खनन नोदेशक बिनोद दुहल मौजूद थे। विजय सिन्हा ने बताया कि अप्रैल से नवंबर 2025 तक अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध राज्यभर में कुल 31 हजार 997 छापेमारियां की गई हैं। इसमें कुल 1696 प्राथमिकियां, 420 गिरफ्तारियां और 3599 वाहनों को जब्त किया गया है।
मिलेगा पुरस्कार
सिन्हा ने आगे बताया कि विगत एक वर्ष में अवैध खनन के विरुद्ध समुचित कार्रवाई नहीं करने वाले कुल 13 पदाधिकारियों व कर्मियों को दण्डित किया गया है। साथ ही कुल 21 खनिज विकास पदाधिकारियों और खान निरीक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई संचालित है। अवैध खनन की सूचना देकर पुरस्कार पाने वाले खनन योद्धाओं की सक्रियता के कारण अवैध खनन एवं परिवहन के खिलाफ कठोर कार्रवाई में बड़ी मदद मिली है। राज्य सरकार की यह योजना आगे भी जारी रहेगी। इसके लिए ट्रैक्टर से होने वाली अवैध बालू ढुलाई की सूचना देने पर पांच हजार और अवैध ट्रक से बालू की अवैध ढुलाई की सूचना देने पर दस हजार रूपये का पुरस्कार दिया जा रहा रहा है।



