नई दिल्ली। काशी तमिल संगमम् 4.0 के तहत उत्तर भारत आए तमिलनाडु के छात्रों ने अयोध्या धाम में भक्ति और संस्कृति का दिव्य अनुभव किया। सुबह 9 बजे जैसे ही छात्र बसों से श्री राम मंदिर पहुंचे, पूरा परिसर “जय श्री राम” के नारों से गूंज उठा। मंदिर में पहुंचे इन छात्रों के चेहरों पर उत्साह और भावनाओं का अद्भुत मेल दिखाई दिया।

श्री रामलला के प्रथम दर्शन ने सभी छात्रों को भावुक कर दिया। दूर-दूर से आए तमिलनाडु के इन विद्यार्थियों ने पूरी श्रद्धा के साथ पूजन किया और मंदिर की भव्यता को नजदीक से महसूस किया। इस दौरान उत्तर और दक्षिण भारत की भक्ति परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिला, जहां सभी ने एक ही भावना से भगवान राम के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
छात्रों ने भव्य राम दरबार के दर्शन किए
रामलला के दर्शन के बाद छात्रों ने भव्य राम दरबार का भी अवलोकन किया। इसके बाद पूरी टीम हनुमान गढ़ी मंदिर पहुंची, जहां छात्रों ने हनुमान जी से आशीर्वाद लिया। मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा और शांत वातावरण ने सभी को प्रभावित किया।
रामकी पैड़ी और सरयू तट का अवलोकन
तीर्थयात्रा आगे बढ़ी तो छात्र ऐतिहासिक राम की पैड़ी और सरयू नदी के तट पहुंचे। शांत पानी और प्राकृतिक सुंदरता ने सभी के मन को सुकून दिया। छात्रों ने कहा कि यह अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा और पहली बार उन्हें उत्तर भारत की भक्ति और संस्कृति को करीब से समझने का मौका मिला।
यह भी पढ़ेंः जीईएम ने आईडीएएस 2024 बैच के लिए आयोजित किया विशेष सत्र
काशी तमिल संगमम् 4.0 का यह कार्यक्रम “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को और मजबूत कर रहा है। इस यात्रा ने उत्तर और दक्षिण भारत के संबंधों को और गहरा बनाया है तथा नई पीढ़ी को देश की सांस्कृतिक एकता और परंपराओं से जोड़ने का काम किया है।



