पटना। राज्य के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थी अब बिहार ही नहीं देश के महत्वपूर्ण दशर्नीय स्थलों के भी भ्रमण करेंगे। इसका मकसद विद्यार्थियों को मानसिक रूप से विकसित करना है। इसे लेकर सरकारी स्कूलों में ‘मुख्यमंत्री भारत दर्शन योजना’ के नाम से इसकी शुरुआत होने जा रही है। इसकी रूपरेखा तय हो रही है। जल्द ही इसे लागू कर दिया जाएगा। नए शैक्षणिक सत्र से इसके पूरी तरह से शुरू होने की संभावना है। शिक्षा विभाग इसे धरातल पर उतारने को लेकर कसरत करने में जुट गया है। राज्य में अभी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल के बच्चों के लिए मुख्यमंत्री शैक्षणिक परिभ्रमण योजना चल रही है, जिसमें राज्य के अंदर बच्चों को शैक्षणिक स्थल का भ्रमण कराने का प्रावधान है।
विदित हो कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को राज्य के ऐतिहासिक स्थलों और उनके इतिहास तथा संस्कृति के बारे में जागरूक करने के लिए ‘मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना’ संचालित है। जिसके तहत प्रत्येक वर्ष प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के बच्चों को शैक्षणिक परिभ्रमण कराया जाता है। इसको देखते हुए राज्य सरकार माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को देश के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री भारत दर्शन योजना’ शुरू करेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद शिक्षा विभाग ने इस योजना को प्रारंभ करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। बताया जाता है कि शिक्षा मंत्री सुनील कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में उनहोंने इस योजना को शीघ्र धरातल पर उतारने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया है।
भारत के इन स्थलों का भ्रमण कराने की तैयारी
भारत में कई महत्वपूर्ण दर्शनीय स्थल हैं, जिनमें आगरा के ताज महल, लाल किला (दिल्ली), कुतूब मीनार, हैदराबाद का चारमीनार और आगरा का किला जैसे ऐतिहासिक स्मारक शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, गोवा के खूबसूरत समुद्र तट, केरल की प्राकृतिक सुंदरता, दार्जिलिंग की पहाड़ियां, और ऋषिकेश में योग और आध्यात्मिकता का अनुभव करने लायक है। इसके अलावा गुलाबी शहर जयपुर, वाराणसी, सारनाथ, कोलकाता, प्रयागराज, चित्रकुट सहित अन्य धार्मिक एवं अध्यात्मिक स्थल शामिल है। जिसका भ्रमण छात्रों को कराया जा सकता है।- सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब भारत के महत्वपूर्ण स्थलों का कराया जाएगा भ्रमण।



